जिले में लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वैनगंगा नदी पर बने एशिया के सबसे बड़े मिट्टी के बांध संजय सरोवर (भीमगढ़ डैम) में गुरुवार को जलस्तर 518.25 मीटर तक पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बांध के तीन गेट खोल दिए गए।
सिंचाई विभाग के मुताबिक गेट क्रमांक 5 को 0.90 मीटर, गेट क्रमांक 6 को 1.20 मीटर और गेट क्रमांक 7 को 0.90 मीटर तक खोला गया। इनसे प्रति सेकंड लगभग 15 हजार घनफुट पानी छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने के बाद वैनगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।
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खेतों में फंसे चार किसान
पानी बढ़ने से धनौरा थाना क्षेत्र के भुरकुंडी गांव के खेतों में काम कर रही चार महिलाएं फंस गईं। इनमें सोनवती चंदन भलावी, अनीता भलावी, भगवती भलावी और संतमत भलावी शामिल थीं। सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्थिति गंभीर होती देख बांध के गेट शाम 7 बजे बंद कर दिए गए और पानी कम होने का इंतजार किया गया। इसके बाद शुक्रवार सुबह सभी किसानों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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ग्रामीणों की नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार बांध से पानी छोड़े जाने की सूचना समय पर नहीं दी जाती। अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से हादसों का खतरा बना रहता है। इस पर सिंचाई विभाग के एसडीओ उदय मर्सकोले ने कहा कि डैम के गेट खोलने की जानकारी समय पर दी जाती है। इसके लिए अधिकारियों, थाना प्रभारियों, सरपंच और सचिव को सूचित किया जाता है। वहीं, धनौरा थाना प्रभारी मनीष बंसोड़ ने बताया कि सभी किसान सुरक्षित हैं। किसानों को बाहर निकालने के बाद बांध के गेट फिर से खोल दिए गए हैं।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बारिश का दौर जारी रहने से बांध और नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर स्थिति के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा।