पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक 43 वर्षीय व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक की मौत किसी वन्य प्राणी, संभवतः बाघ के हमले से हुई है। मृतक पिछले दो दिनों से लापता था।
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि सिवनी जिले के टिकारी गांव निवासी कमल उइके 4 जनवरी की शाम से लापता था। 5 जनवरी की शाम उसके परिजनों ने जमतरा पहुंचकर टाइगर रिजर्व स्टाफ को उसकी गुमशुदगी की सूचना दी।
परिजनों के अनुसार कमल उइके गांव से होकर बहने वाली पेंच नदी के किनारे-किनारे पैदल चलते हुए कोर एरिया की ओर गया होगा। उन्होंने बताया कि वह अक्सर मछली पकड़ने और खाने-पीने के लिए तिकाड़ी घाट और महादेव घाट की ओर जाया करता था।
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सूचना मिलने के बाद चांद थाना पुलिस और पेंच टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों ने मंगलवार सुबह संयुक्त रूप से खोज अभियान शुरू किया और पेंच नदी के किनारे-किनारे सघन तलाशी ली गई। खोज के दौरान महादेव घाट के पास, बीट छेड़िया अंतर्गत गुमतरा कोर वन परिक्षेत्र में मृतक के शरीर के अवशेष क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। शव की स्थिति देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी स्तब्ध रह गए।
मौके पर पंजों के निशान, घसीटने के चिन्ह और शव की हालत को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि कमल उइके पर किसी वन्य प्राणी, संभवतः बाघ ने हमला किया होगा। हालांकि वन विभाग का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी।
घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से कोर और बफर क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने तथा नदी किनारे आवाजाही पर सख्ती की मांग की है। वन विभाग ने घटना के बाद क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि बिना अनुमति टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में प्रवेश न करें। साथ ही मृतक के परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया गया है।