शिकायतकर्ता नितिन पाटकर की शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच के बाद ट्रैप की योजना बनाई और बुधवार 16 अक्तूबर की शाम कार्रवाई की। आरोपी पहले ही ₹25 हजार की पहली किस्त ले चुका था। मनीष पटवा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सिवनी जिले के केवलारी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष पटवा को जबलपुर लोकायुक्त टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई बुधवार 16 अक्तूबर की शाम केवलारी थाना परिसर में की गई।
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सूत्रों के अनुसार प्रधान आरक्षक पटवा ने एक एफआईआर दर्ज करने के एवज में आवेदक से ₹5 लाख की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता आदेगांव निवासी सिविल ठेकेदार नितिन पाटकर ने बताया कि यह रिश्वत पेटी ठेकेदार राय कंस्ट्रक्शन के राहुल राय के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने के लिए मांगी गई थी। बताया गया कि आरोपी आरक्षक ने पहली किस्त में ₹25 हजार रुपये पहले ही ले लिए थे, जबकि बुधवार को वह ₹75 हजार रुपये की दूसरी किस्त लेते हुए लोकायुक्त के हत्थे चढ़ गया।
लोकायुक्त ने रचा पूरा ट्रैप प्लान
नितिन पाटकर ने 8 अक्तूबर को जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले के निर्देशन में कार्रवाई की गई। टीम में निरीक्षक उमा कुशवाहा, राहुल गजभिए, जितेंद्र यादव और बृजकिशोर नरवरिया सहित लोकायुक्त जबलपुर का पूरा बल शामिल रहा।
इन धाराओं में दर्ज हुआ प्रकरण
प्रधान आरक्षक मनीष पटवा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
अन्य संलिप्तों की भी जांच
लोकायुक्त टीम अब यह भी जांच कर रही है कि इस भ्रष्टाचार के प्रकरण में थाना स्तर पर अन्य कोई अधिकारी या कर्मचारी तो संलिप्त नहीं है। लोकायुक्त डीजी योगेश देशमुख के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।