मध्य प्रदेश के सिवनी वन परिक्षेत्र में वन विकास निगम के बरघाट प्रोजेक्ट में बाघ ने 50 वर्षीय चरवाहे को अपना शिकार बना लिया। वह मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया था। वनकर्मियों को आरएफ 457 में चरवाहे की लाश बुधवार सुबह मिली। उसका सिर और धड़ अलग-अलग पड़े थे। आधा धड़ बाघ ने खा लिया था।
प्रोजेक्ट के संभागीय प्रबंधक वीएस मेश्राम ने बताया कि चरवाहे का नाम रघुनाथ उइके (50 वर्ष) है। वह मवेशियों को लेकर जंगल गया था। मंगलवार को मवेशी घर लौट गए, पर चरवाहा नहीं लौटा। तब ग्रामीण चरवाहे की तलाश करने जंगल गए थे। उन्हें कोई सुराग नहीं मिला तो वन विभाग को सूचना दी गई। तब वन विभाग के कर्मचारियों ने भी छानबीन शुरू की। प्रोजेक्ट के आरएफ 457 ग्राम छीतापाल में चरवाहे का शव मिला है। साफ है कि बाघ ने उसे अपना शिकार बनाया है। चरवाहे का सिर और धड़ अलग-अलग पड़े थे। बाघ चरवाहे का आधा धड़ भी खा गया था। सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। मृतक के परिजनों को 20 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी गई है। 4 लाख रुपये के मुआवजे का प्रतिवेदन भेजा गया है। दो-तीन दिन में मुआवजा राशि भी घरवालों को दे दी जाएगी।