सीहोर स्थित भोपाल शुगर इंडस्ट्रीज के बंद हुए दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है। इसके बाद अब अचानक चार दर्जन से अधिक कर्मचारियों को मकान खाली करने के नोटिस थमा दिए गए। इससे कर्मचारियों में आक्रोश की स्थिति बन गई है। कर्मचारियों का कहना है कि यह गलत है। जबकि अनेक कर्मचारियों के पास फैक्ट्री द्वारा मकान अलॉटमेंट के कागज उपलब्ध हैं। इसके बाद भी प्रशासन द्वारा ये कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय पर भोपाल शुगर इंडस्ट्री नाम से शकर कारखाना स्थापित था जो करीब 24 साल पहले ले ऑफ कर बंद कर दिया गया था। उसके बाद मजदूरों को उनके वेतन का भी भुगतान नहीं किया गया था। तब से ही इस कारखाने में काम करने वाले मजदूर शुगर फैक्ट्री के मकान में कारखाने के पास ही रह रहे थे।
कर्मचारियों ने आरोप लगाए कि अब अचानक जिला प्रशासन ने 24 साल बाद नोटिस थमाए और उन्हें अवैध कब्जा खाली करने को कहा है, जिससे नाराजगी है। मजदूरों ने बताया कि अनेक कर्मचारियों के पास फैक्ट्री द्वारा मकान अलॉटमेंट के कागज उपलब्ध है, इसके बाद भी उन्हें जबरन मकान से हटाने की कोशिश प्रशासन द्वारा की जा रही है।
बीएसआई ने डेढ़ सौ एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने दिया है आवेदन
बताया जाता है कि बीएसआई मिल मालिक ने डेढ़ सौ एकड़ जमीन पर व्यवसायिक उपयोग की अनुमति मांगते हुए प्रशासन से अवैध कब्जे को हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और कर्मचारियों को नोटिस थमाए गए। मामले में तहसीलदार नीलम परसेंडीया ने बताया कि बीएसआई की ओर से उनकी डेढ़ सौ एकड़ जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए आवेदन मिला है। जिसके बाद अभी 41 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। कुल 85 लोगों को नोटिस जारी होना है, जिसकी प्रक्रिया जारी है।