प्रधानमंत्री आवास योजना की किश्त देने के बदले रिश्वत मांगने वाले सरपंच को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। अब सरपंच को चार साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।
बता दें कि विशेष न्यायाधीश (लोकायुक्त) संजय कुमार शाही ने सरपंच देवकरण मालवीय पिता रामजी मालवीय ग्राम पगारिया हाट तहसील आष्टा थाना सिदृदीकगंज को रिश्वत मांगने के मामले में दोषी पाते हुए चार साल के सश्रम कारावास की सजा और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी केदार सिंह कौरव ने बताया कि मोहनलाल निवासी ग्राम पगारिया हाट उसके नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1,35,000 रुपये राशि स्वीकृत हुई थी। इसको किश्तों में उसके ओरियटंल बैंक के खाते में डालवाने के लिए संरपच देवकरण मालवीय और सहायक सचिव पवन पाटीदार ने 14 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी।
फरियादी ने कहा कि पहले घर का काम शुरू होने दो फिर दे दूंगा। उसने देवकरण मालवीय को सात हजार रुपये दे भी दिए। सरपंच और सहायक सचिव उस पर बचे रुपये देने का दवाब बनाने लगे। आखिरकार उसने आरोपीगण के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किए जाने के लिए लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में एक शिकायत आवेदन दिया। इसके बाद आरोपी देवकरण को रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा गया था। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में सरपंच देवकरण को दोषसिद्ध किया गया। मामले की पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/ विशेष लोक अभियोजक प्रमोद अहिरवार ने की।