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Sehore News: शासन की सुस्ती से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित, न गणवेश मिले न साइकिल योजना पूरी हुई

Sun, 03 Aug 2025 05:11 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

जिले में स्वतंत्रता दिवस नजदीक होने के बावजूद कक्षा 1 से 8 तक के 81,468 विद्यार्थियों को अब तक गणवेश नहीं मिल पाया है। शासन द्वारा प्रति छात्र 600 रुपये की राशि दी जाती है, लेकिन इस वर्ष अब तक न तो राशि ट्रांसफर हुई है और न ही गणवेश उपलब्ध कराए गए हैं।

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स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में छात्र-छात्राएं गणवेश में सजे-धजे नजर आते हैं। इस बार जिले के 81,468 विद्यार्थियों को यह सौभाग्य शायद नसीब न हो सके। शासन द्वारा अब तक गणवेश की राशि या ड्रेस उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे छात्र रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए डेढ़ महीना हो चुका है, लेकिन अब तक कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को गणवेश की राशि नहीं मिली। शासन द्वारा प्रति छात्र 600 रुपये दो जोड़ी गणवेश के लिए दिए जाते हैं। पिछले वर्ष राशि सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई थी। इस वर्ष भी पालकों ने बैंक खाता विवरण स्कूलों में जमा कर दिया है, लेकिन राशि ट्रांसफर कब होगी, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
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विभाग ने बताया शासन स्तर का मामला
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला शासन स्तर पर लंबित है। जिला परियोजना समन्वयक रमेश राम उइके ने कहा कि आदेश आते ही वन क्लिक के माध्यम से सभी विद्यार्थियों के खातों में राशि स्थानांतरित कर दी जाएगी। हालांकि जिस गतिरोधपूर्ण प्रक्रिया से विभाग काम कर रहा है, उससे यह तय माना जा रहा है कि 15 अगस्त तक गणवेश मिलना संभव नहीं है।

पुरानी ड्रेस या घरेलू कपड़ों में स्कूल आ रहे बच्चे
गणवेश नहीं मिलने से बच्चे या तो पुरानी ड्रेस पहनकर आ रहे हैं या फिर जो पहली बार स्कूल में प्रवेश पाए हैं वे घरेलू परिधान में पढ़ाई कर रहे हैं। इससे स्कूलों में अनुशासन का दृश्य भी प्रभावित हो रहा है।
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हर दिन रंग-बिरंगे कपड़ों में स्कूल पहुंच रहे छात्र
जिले के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थी हर दिन अलग-अलग रंग के कपड़े पहनकर स्कूल आ रहे हैं, जिससे गणवेश की कमी साफ झलक रही है। छात्रों में असमंजस और अभिभावकों में नाराजगी भी देखी जा रही है।

राशि या वस्त्र – अब तक कोई दिशा-निर्देश नहीं
इस बार शासन द्वारा विद्यार्थियों को सीधे गणवेश दी जाएगी या फिर उनके खातों में राशि ट्रांसफर होगी, इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। अधिकारी इसे लेकर अनिश्चितता की स्थिति में हैं और सभी निर्णय भोपाल स्तर पर लंबित बताए जा रहे हैं।

सायकल वितरण में भी धीमी प्रक्रिया
गणवेश ही नहीं, सायकल वितरण योजना भी विभाग की सुस्ती का शिकार है। शासन द्वारा कक्षा 6 और 9 के विद्यार्थियों को साइकिल देने की योजना लागू की गई है। ब्लॉक स्तर पर कक्षा 6 में 565 विद्यार्थी नामांकित हैं, लेकिन अब तक केवल 30 छात्रों को ही सायकल प्रदान की गई है। सायकल निर्माण और असेंबलिंग का काम एजेंसी द्वारा किया जा रहा है।

केवल दूरस्थ गांवों से आने वाले छात्रों को साइकिल
यह सुविधा केवल उन विद्यार्थियों को दी जाएगी जो अन्य गांवों से स्कूल आते हैं। स्थानीय छात्रों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा। बताया जाता है कि पहले विद्यार्थियों को 4500 रुपये की राशि खातों में दी जाती थी, लेकिन इस बार सायकल प्रत्यक्ष रूप से प्रदान की जा रही है।

पालकों में बढ़ रही है नाराजगी
गणवेश और साइकिल वितरण जैसी योजनाओं के धीमी क्रियान्वयन से पालकों में निराशा बढ़ रही है। एक ओर राष्ट्रीय पर्व नजदीक है, दूसरी ओर बच्चों को न तो ड्रेस मिली है और न ही साइकिल। शासन और विभागीय स्तर की लापरवाही से बच्चों के चेहरे पर मुस्कान के बजाय उलझन और असमंजस देखने को मिल रहा है।
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