सीहोर जिले में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर कलेक्टर बालागुरु के. की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित और व्यवस्थित बनाना था। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सड़क पर हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसकी अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विभागों के अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस, प्रभावी और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है, जिसके प्रति सभी विभाग गंभीरता से कार्य करें।
कलेक्टर ने ओवरस्पीडिंग को सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण मानते हुए हाईवे और मुख्य मार्गों पर टोल नाकों के आसपास स्पीड रडार गन से विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात एवं निर्माण एजेंसियों को जिले की प्रमुख एवं ग्रामीण सड़कों का भौतिक सर्वेक्षण कर आवश्यक स्थानों पर संकेतक, रिफ्लेक्टर, डिवाइडर और स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी पुल, पुलिया, ओवरब्रिज और सड़कें सही स्थिति में हों तथा जहां भी मरम्मत की आवश्यकता हो, उसे तुरंत पूरा किया जाए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
ये भी पढ़ें-
वर्दीधारी को बिना हेलमेट स्कूटी चलाने की मिली सजा, एसपी ने तुरंत निलंबित कर जांच के आदेश दिए
अतिक्रमण हटाने और ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के आदेश
कलेक्टर ने जिले में यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमणों को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सड़क किनारे के अतिक्रमण दुर्घटना का कारण बनते हैं, इसलिए इन्हें क्रमबद्ध तरीके से हटाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण कर ब्लैक स्पॉट चिन्हित करें और उन स्थानों पर तत्काल सुरक्षा उपाय लागू करें। साथ ही, उन्होंने सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और प्रगति रिपोर्ट हर माह प्रस्तुत करने को भी अनिवार्य किया।
उल्लंघनकर्ताओं पर सख्त चालानी कार्रवाई, 12 लाइसेंस निलंबित
बैठक में यातायात प्रभारी बृजमोहन धाकड़ ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले दस महीनों में यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 13,821 मामलों में कार्रवाई की गई तथा 72 लाख 72 हजार 663 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध की गई, जिसमें 12 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए। इस निर्णय को सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, हेलमेट और सीट बेल्ट अनिवार्य
बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने, शराब पीकर ड्राइविंग करने, बिना हेलमेट दोपहिया चलाने और बिना सीट बेल्ट चार पहिया चलाने वालों पर निरंतर कार्रवाई की जाए। एसपी ने साफ किया कि लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई आगे भी सख्ती से जारी रहेगी और यातायात नियमों का पालन न करने वालों पर कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
ये भी पढ़ें-
दवा की दुकानों पर बड़ी कार्रवाई, गंभीर खामियों के चलते 8 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित
जन-जागरूकता पर विशेष अभियान
कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल दंडात्मक कार्रवाई से मजबूत नहीं होती, बल्कि जन-जागरूकता इसका प्रमुख आधार है। उन्होंने शिक्षा, परिवहन, पुलिस और सामाजिक संस्थाओं को संयुक्त रूप से स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इन अभियानों के माध्यम से युवाओं को हेलमेट, सीट बेल्ट, सुरक्षित गति, सड़क संकेत, लेन अनुशासन और वाहन फिटनेस के महत्व के बारे में समझाया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं को जड़ से कम किया जा सके।
दुर्घटना में मदद करने वालों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन
बैठक में कलेक्टर ने राहवीर योजना की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाला नागरिक वास्तविक हीरो होता है। इस योजना के तहत उसकी पहचान गोपनीय रखी जाती है और उससे किसी प्रकार की पुलिस पूछताछ नहीं की जाती। समिति की अनुशंसा के बाद ऐसे व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का व्यापक प्रचार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग मानवता के इस कार्य के लिए आगे आएं और समय पर सहायता देकर अनमोल जीवन बचा सकें।