हर साल की तरह इस बार भी श्रावण मास के पावन अवसर पर सीहोर में कांवड़ यात्रा को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। शनिवार को आष्टा से लगभग 45 किलोमीटर दूर से महाकाल ग्रुप के गुड्डू, रांगा कुशवाहा सहित 200 से अधिक युवाओं ने पैदल कांवड़ यात्रा पूरी की। विठलेश सेवा समिति द्वारा उनका भावपूर्ण स्वागत किया गया।
प्रशासन और विठलेश सेवा समिति ने रविवार से अनुमानित लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सीवन नदी घाट और कांवड़ मार्ग पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया है। सुरक्षा हेतु पुलिस बल तैनात किया जाएगा तथा यातायात नियंत्रण, स्वच्छता और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है।
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सेवा शिविरों की भव्य व्यवस्था
विठलेश सेवा समिति और विभिन्न समाजसेवी संगठनों की ओर से दो दर्जन से अधिक पंडाल लगाए जा रहे हैं। अभी भी लगभग आधा दर्जन पंडालों से श्रद्धालुओं को खीर-पूड़ी, हलवा, चाय, नाश्ता और पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। शनिवार को राधेश्याम विहार कॉलोनी परिवार द्वारा खीर-पूड़ी और चाय का वितरण किया गया।
कांवड़ियों की धूम, भक्ति में डूबा माहौल
शहर के सीवन नदी घाट से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु नंगे पैर 11 किलोमीटर चलकर कुबेरेश्वरधाम पहुंचते हैं। रेलवे स्टेशन से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलकर बाबा के दर्शन हेतु पहुँच रहे हैं। शनिवार को निजी वाहनों, डीजे साउंड और ढोल-मंजीरों के साथ हजारों कांवड़ियों की धूम रही।
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देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
असम, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार सहित अनेक राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे हैं। समिति ने भोजन-प्रसादी वितरण कर उनका स्वागत किया। समिति व्यवस्थापक समीर शुक्ला और पंडित विनय मिश्रा ने बताया कि शनिवार को लगभग 40 हजार कांवड़ यात्रियों को ढाई क्विंटल हलवा-नुक्ति और निशुल्क भोजन वितरित किया गया।
रविवार और सोमवार को और बढ़ेगा उत्साह
प्रशासन को उम्मीद है कि रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ेगी। सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आवागमन की व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। श्रद्धा और भक्ति के इस अद्वितीय संगम में सीहोर एक बार फिर शिवभक्ति में रंग गया है।
नंगे पैर 11 किलोमीटर चलकर बाबा के दर्शन को पहुंचे भक्त