नगर में सौंदर्यीकरण और विकास के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इन कामों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सवालों के घेरे में है। नेता-अफसर-ठेकेदार की तिकड़ी ने विकास को भ्रष्टाचार की दीवार में कैद कर दिया है। नगर का हर दूसरा प्रोजेक्ट अधूरा है, और ताजा उदाहरण है, प्रेम नगर कॉलोनी में बन रहा करीब 20 लाख रुपए का पार्क, जो दस माह बाद भी केवल बाउंड्री वॉल तक ही सिमटा हुआ है।
दस माह में सिर्फ दीवार, गुणवत्ता पर सवाल
जनवरी 2025 में भूमिपूजन के साथ शुरू हुआ यह पार्क आज भी अधूरा पड़ा है। दस महीने बीतने के बाद भी पार्क की सिर्फ बाउंड्रीवॉल खड़ी की जा सकी है। रहवासी सवाल पूछ रहे हैं कि अगर दीवार ही कमजोर बनी है, तो बाकी निर्माण का क्या भरोसा? दीवारों में दरारें और घटिया ईंट की गुणवत्ता देखकर लोगों का भरोसा डगमगा गया है। अब यह सवाल सिर्फ एक पार्क का नहीं, बल्कि पूरे नगर के विकास की विश्वसनीयता का है।
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अलग-अलग स्टीमेट, अलग-अलग जवाब
नगरपालिका इंजीनियर प्राची गुप्ता और निर्माणकर्ता ठेकेदार राजा अग्रवाल के स्टीमेट में जमीन-आसमान का फर्क है। ठेकेदार का दावा कि पार्क की लागत 25 लाख है, जिसमें बाउंड्रीवॉल, घास, झूले, पेवर ब्लॉक, कुर्सी, लाइट और गेट सब शामिल हैं। जबकि इंजीनियर का कहना है कि स्टीमेट सिर्फ 18 से 20 लाख का है और झूले, लाइट या कुर्सी इसमें शामिल ही नहीं हैं। ऐसे में जनता पूछ रही है कि आखिर सच कौन बोल रहा है?
समय सीमा पूरी, निर्माण अधूरा
जनवरी में भूमि पूजन के बाद से अक्टूबर तक पार्क की स्थिति जस की तस है। ठेकेदार की मनमानी और अफसरों की अनदेखी ने इस परियोजना की रफ्तार रोक दी है। मंडी क्षेत्र का यह पहला पार्क बताया जा रहा था, लेकिन अब यह भ्रष्टाचार और लापरवाही का प्रतीक बन गया है। प्रेम नगर के रहवासी महीनों से एक हरियाली भरे कोने का इंतजार कर रहे हैं, पर हर दिन अधूरी दीवारें और टूटे वादे ही नजर आ रहे हैं।
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रहवासियों का रोष
प्रेम नगर कॉलोनी के निवासी खुलेआम नगरपालिका पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्क का निर्माण दिखावा मात्र है। स्थानीय निवासी देवेन्द्र वर्मा का कहना है किजब शुरुआत ही कमजोर ईंटों और घटिया सामग्री से हुई है, तो यह दीवार पहली बारिश भी नहीं झेल पाएगी। लोगों का कहना है कि नगर में काम से ज्यादा कमीशन का बोलबाला है और अधिकारियों को जनता की चिंता नहीं।
जल्द होगा पूरा, गुणवत्ता पर ध्यान
ठेकेदार राजा अग्रवाल का कहना है कि पार्क का कार्य जल्द गति पकड़ेगा। दीवार बन चुकी है, अब पेवर, झूले, लाइट और घास का काम किया जाएगा। वहीं नगरपालिका इंजीनियर प्राची गुप्ता ने बताया कि ठेकेदार को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं और गुणवत्ता पर ध्यान रखने को कहा गया है।
अधूरा पड़ा काम
बदहाल पार्क