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Sehore news: तस्वीर में नहीं तकलीफ में साथ खड़े होने वाले अपने होते है:पंडित प्रदीप मिश्रा

Fri, 28 Feb 2025 08:21 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिहोर

सार

12 ज्योर्तिलिंग के मध्य में बने 75 एकड़ के भव्य कुबेरेश्वधाम में चार दिन से चल रही शिव महापुराण कथा में भक्ति का समुंद्र लहरा रहा है।यहां लाखों लोग रोज पहुंच रहे हैं। 
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सीहोर के कुबेरेश्वरधाम की शिवपुराण कथा में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं
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विस्तार
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सीहोर के कुबरेश्वरधाम में भारी संख्या में श्रध्दालु पहुंच रहे हैं। यहां पर पंडित प्रदीप मिश्रा की शिवपुराण कथा चल रही है। इसमें पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि  सच्चा इंसान वही है, जो किसी के दर्द और तकलीफ को समझे क्योंकि तस्वीर और तकलीफ में अंतर है। तस्वीर में साथ खड़े होने वाले तकलीफ में साथ नहीं खड़े होते हैं। दर्द, विपत्ति और तकलीफ में तो भगवान शिव ही आपके साथ खड़ा होगा। शिव का द्वार ही ऐसा है, जहां आपकी तकलीफ का समाधान होगा। इसलिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु उन्नति, प्रगति और कुबेर का आर्शीवाद लेने वाले ही कुबेरेश्वरधाम पर आते है।
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दोपहर एक बजे से चार बजे तक पंडाल में ऐसा माहौल था, मानो हर कोई सबकुछ भूलकर बस कथा में रमा नजर आता है, शिवजी के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठते थे। ओ भोला सब दुख काटो म्हारा...शिव शंकर जपूं तेरी माला... भोला सब दुख काटो म्हारा भजन पर हर कोई शिव की स्तुति में खोता नजर आया। लुटा दिया भंडार काशी वाले ने...कर दिया मालामाल काशी वाले ने...भजन पर हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे थे। 

शिव की भक्ति करने के बाद जीवन में आए बड़े बदलाव
12 ज्योर्तिलिंग के मध्य में बने 75 एकड़ के भव्य कुबेरेश्वधाम में चार दिन से चल रही शिव महापुराण कथा में भक्ति का समुंद्र लहरा रहा है। कितने ही ऐसे परिवार रोज पहुंच रहे हैं, जिनके शिव की भक्ति करने बाद जीवन में बड़े बदलाव आए हैं। वे चिट्ठी के जरिए अपने दुखों को हरे जाने की कहानी बताते हैं। कैसे एक लोटा जल शिवजी को चढ़ाया और उनकी दुनिया ही बदल गई। ऐसे श्रद्धालुओं को पं. प्रदीप मिश्रा मंच पर बुलाकर उनको बेल पत्र भी देते हैं। शुक्रवार को मुंबई से आए उमेश कुमार शाह ने बताया कि वह अपनी पीड़ा लेकर ट्रेन से आई थीं और बाबा ने उनकी पीड़ा का हरण किया है, अब वे रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होने के लिए फ्लाइट से आई हैं। पंडित श्री मिश्रा ने उनका पत्र पढ़कर सुनाते हुए कहा कि मुंबई से आए परिवार की राशि बैंक में अटक गई थी, सीए ने बताया कि अटकी हुई राशि का करीब 20 प्रतिशत कटकर मिलेगा। अपने दुख को लेकर वह बाबा के धाम पर आई और मात्र कुछ दिनों में परेशानी दूर हो गई। वहीं एक पत्र में एक श्रद्धालु रेखा सौलंकी ने बताया कि वे उत्तरप्रदेश के बुलंद शहर से आई, उनके पुत्र को किडनी थी, लेकिन एक लोटा जल शिव को समर्पित करने के बाद उनका बच्चा स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। अनेक ऐसे भक्त है जिन्होंने भरोसे से शिव की भक्ति की और उनकी तकलीफ का निदान हुआ है।
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तीन डोम और दो दर्जन टेंट फुल, किया जाएगा विस्तार
यहां पर आने वाले श्रद्धालु पूरी आस्था और उत्साह के साथ महोत्सव में शामिल हो रहे है। समिति के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं में विस्तार किया जा रहा है। जिससे आने वाले श्रद्धालुओं को कोई भी असुविधा नहीं होगी। शुक्रवार को कथा के दौरान भगवान गणेश आदि का प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया। कुबेरेश्वरधाम पर भक्ति का सागर बना हुआ है। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु शनिवार को फुलेरा दूज पर भगवान शिव को धतूरा समर्पित किया जाएगा।

 

 

 

 

 

 

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