सीहोर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वंदना त्रिपाठी आष्टा ने अभियुक्त बबलू उर्फ शाकिर पिता रासद उर्फ रियासत खां (35) निवासी-आमखेड़ी, थाना सिददीकगंज, जिला सीहोर को धारा-354 भा.द.वि. में एक साल का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड एवं धारा-323 भा.द.वि. में छह महीने का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया, घटना पांच जुलाई 2018 को दिन में करीब 10 बजे अभियोक्त्री चांदनिया के जंगल में अकेली पत्ता तोड़ने गई थी। वहीं पर अभियोक्त्री के गांव का निवासी अभियुक्त बबलू मवेशी चरा रहा था। तभी अभियुक्त ने अभियोक्त्री के पास जाकर बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर खींचने लगा। अभियोक्त्री के चिल्लाने पर अभियुक्त ने अपने हाथ में रखी लकड़ी से मारपीट की, जो अभियोक्त्री के सीधे हाथ के बाजू में लगी।
अभियोक्त्री ने अभियुक्त को धक्का देकर अपना हाथ छुड़ाया, तब अभियुक्त ने अभियोक्त्री से कहा कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देगा। घटना के अगले दिन फरियादी अभियोक्त्री ने थाना सिददीकगंज जाकर घटना की मौखिक रिपोर्ट लेख कराई। रिपोर्ट के आधार पर थाना सिददीकगंज में अपराध धारा- 323, 354 एवं 506 भारतीय दंड संहिता का अपराध अभियुक्त के विरूद्ध पंजीबद्ध हुआ।
संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य एवं अंतिम बहस के दौरान अभियोजन के तर्क से सहमत होते हुए अभियुक्त को दोष सिद्ध पाते हुए धारा- 354 भा.द.वि. में एक साल का कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड एवं धारा-323 भा.द.वि. में छह महीने का कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।