सीहोर जिले में शिक्षा जगत की एक अनूठी पहल ने लोगों का ध्यान खींचा है। जिला शिक्षा केंद्र सीहोर, डाइट और मिशन अंकुर टीम के संयुक्त प्रयासों से रीडिंग कैंपेन 2025 की शुरुआत हुई। रीडिंग वैन का पहला पड़ाव शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कस्तूरबा रहा। यहां जिला परियोजना समन्वयक रमेश उइके और डाइट प्राचार्य डॉ. अनीता बडग़ुर्जर ने बच्चों को दिलचस्प कहानियां सुनाईं।
इस दौरान बच्चे पूरे उत्साह से इन कहानियों को सुनते रहे और चर्चा में भाग लेते हुए अपनी कल्पनाओं को शब्द देने लगे।
कल्पनाओं को नई उड़ान दे रही पहल
कहानियों ने बच्चों के चेहरों पर मुस्कान ला दी और उनकी आंखों में सीखने की चमक दिखाई दी। कलेक्टर बालागुरु के और सीईओ डॉ. नेहा जैन ने कहा कि किताबें बच्चों के जीवन का आईना होती हैं। कहानियां उन्हें उनके अनुभवों से जोड़ती हैं और कल्पनाओं को नई उड़ान देती हैं। इस मौके पर राकेश अग्रवाल, हेमलता तोमर, योगिता लोधी, गेंदराज विश्वकर्मा, जगदीश राय, आत्माराम बामनिया, प्राचार्य नीना सिंह दुबे तथा मिशन अंकुर टीम के सदस्य सुमित साध, सुमन स्वर्णकार, स्नेह द्विवेदी और अभिषेक चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।
जिलेभर में निकलेगी रीडिंग वैन
यह मोबाइल वैन केवल सीहोर में नहीं रुकेगी। 19 अगस्त को यह विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण करेगी और फिर आष्टा, इछावर और भेरुन्दा विकास खंडों में भी बच्चों के बीच पढ़ाई को रोचक बनाएगी। इस दो दिवसीय यात्रा का मुख्य संदेश यही है मेरी किताब, मेरी कहानी । हर बच्चे को किताबों में अपनी दुनिया ढूंढनी है और आत्मविश्वास से भविष्य की राह पकड़नी है।
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पठन संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य सिर्फ बच्चों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय तक भी है। किताबों की खुशबू और कहानियों की गूंज से यह अभियान समाज में पठन संस्कृति को मजबूत करेगा। जिले के हर बच्चे को यह संदेश दिया जा रहा है कि पढ़ाई केवल परीक्षा तक नहीं, बल्कि जीवन भर साथ निभाने वाली आदत है।
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