जिले में रसोई गैस को लेकर अचानक पैदा हुई अव्यवस्था ने हजारों उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। गैस कंपनियों का आधिकारिक बुकिंग नंबर पिछले एक-दो दिन से ठप होने के कारण लोग सिलिंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। लगातार कॉल करने के बावजूद नंबर न लगने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई घरों की रसोई पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग गैस एजेंसियों के दफ्तरों पर पहुंच रहे हैं, जहां ऑफलाइन बुकिंग कराने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण एजेंसी कर्मचारियों को भी व्यवस्था संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस बुकिंग नंबर बंद होने के बाद उपभोक्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर सिलिंडर कैसे बुक किया जाए। शहर के उपभोक्ता राजेश कुशवाह बताते हैं कि वे सुबह से कई बार कॉल लगा चुके हैं, लेकिन नंबर नहीं लग रहा। मजबूरी में एजेंसी आकर लाइन में लगना पड़ा। यही स्थिति सैकड़ों अन्य लोगों की भी है, जो अपने नंबर आने का इंतजार करते हुए घंटों खड़े दिखाई दे रहे हैं।
ईरान-इस्राइल तनाव से बढ़ी ‘पैनिक बुकिंग’
पड़ताल में यह भी सामने आया है कि गैस की परेशानी को बढ़ाने में एक और बड़ा कारण सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव की खबरों ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। कई लोग आशंका जता रहे हैं कि यदि हालात और बिगड़े तो गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
इसी डर के कारण कई घरों में पहले से भरे सिलिंडर होने के बावजूद लोग अतिरिक्त टंकियां लेने की कोशिश कर रहे हैं। इस पैनिक बुकिंग ने असली जरूरतमंदों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिले में फिलहाल गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन अनावश्यक भंडारण से व्यवस्था बिगड़ रही है।
शादी वाले घरों में सबसे ज्यादा टेंशन
गैस संकट का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है जहां इन दिनों शादी-विवाह के कार्यक्रम चल रहे हैं। कैटरर्स और मैरिज गार्डन संचालकों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, क्योंकि पुराने स्टॉक तेजी से खत्म हो रहे हैं। एक परिजन संजय सिंह ने बताया कि महीनों पहले शादी की तैयारियां शुरू की थीं, लेकिन ऐन वक्त पर गैस सिलिंडर की समस्या ने पूरा गणित बिगाड़ दिया है।
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होटल-ढाबा संचालक भी परेशान
केवल घरेलू उपभोक्ता ही नहीं बल्कि होटल, ढाबा और छोटे-मोटे खानपान व्यवसाय करने वाले लोग भी इस स्थिति से प्रभावित हो रहे हैं। मनीष शर्मा, अनुपम जैन सहित दुकानदारों का कहना है कि कमर्शियल सिलिंडरो की सप्लाई में भी अनिश्चितता की स्थिति बन गई है। छोटे ढाबा संचालकों के सामने रोजमर्रा का काम चलाना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि अगर स्थिति लंबी चली तो कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा और उन्हें ग्राहकों को खाना उपलब्ध कराने में परेशानी होगी।
कालाबाजारी रोकने मैदान में उतरे एसडीएम
गैस की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। आष्टा एसडीएम नितिन टाले ने पुलिस और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ गैस वितरकों की बैठक ली। इस दौरान कमर्शियल और घरेलू सिलिंडरों के स्टॉक की समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यदि किसी एजेंसी स्तर पर जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एसडीएम ने आष्टा क्षेत्र की कई गैस एजेंसियों के गोदामों का निरीक्षण भी किया।
कमर्शियल गैस सप्लाई पर अस्थायी रोक
अधिकारियों के अनुसार वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों और आयात में आई रुकावट को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि एलपीजी की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाए। इसी कारण अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयों और अन्य वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सप्लाई सीमित की जा रही है। हालांकि पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठान, जेल और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी आकलन किया जा रहा है।
एजेंसी संचालकों की अपील, घबराएं नहीं
गैस एजेंसी संचालक मुस्तुफा हुसैन का कहना है कि यह समस्या मुख्य रूप से तकनीकी कारणों से उत्पन्न हुई है और जल्द ही बुकिंग सिस्टम बहाल होने की उम्मीद है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में अतिरिक्त सिलिंडर बुक न करें और कालाबाजारी से बचें। फिलहाल जिले में गैस को लेकर बना तनाव लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। यदि बुकिंग सिस्टम जल्द सामान्य नहीं हुआ तो एजेंसियों पर भीड़ और अव्यवस्था बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।