मफलर पहने बैठा आरोपी जूनियर इंजीनियर।
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जिले में एक किसान को करीब एक साल से परेशान कर रहे बिजली कंपनी के जूनियर इंजीनियर को लोकायुक्त भोपाल की टीम ने 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई नापलाखेड़ी के विघुत वितरण कंपनी कार्यालय में की गई, जहां जूनियर इंजीनियर ने ट्रांसफार्मर बंद करने की धमकी देकर किसान उपभोक्ता से 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ था। मामला जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम नापलाखेड़ी का है। यहां बिजली कपंनी की 33 केबी डीसी पर तैनात जूनियर इंजीनियर मनोज यादव को लोकायुक्त टीम भोपाल ने रंगे हाथों 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
एक साल से ट्रासंफार्मर बंद करने की दे रहा था धमकी
ग्राम हैदरगंज निवासी फरियादी देवनारायण रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि नापलाखेड़ी डीसी से उनके खेत का ट्रासफार्मर जुड़ा हुआ है, इस ट्रांसफार्मर को बंद करने की धमकी बीते एक साल से नापलाखेड़ी डीसी पर तैनात जूनियर इंजीनियर मनोज यादव द्वारा दी जा रही थी, जिसे लेकर कई बार उनसे मिन्नतें की गई, आखिर में दो महीने पूर्व जेई यादव द्वारा इनसे तीस हजार रुपए की मांग की गई, जिस पर दोनों के बीच 15 हजार रुपए में समझौता हुआ। इधर इस दौरान फरियादी रघुवंशी द्वारा इस पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त भोपाल को कर दी गई। लोकायुक्त टीम द्वारा तय प्लानिंग के तहत मंगलवार को फरियादी देवनारायण को केमिकल युक्त नोट लेकर डीसी कार्यालय पहुंचा, यहां जैसे ही फरियादी ने रिश्वत के 15 हजार रुपए जेई मनोज यादव को दिए, लोकायुक्त टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस दौरान हाथ घुलवाने पर रंग गुलाबी हो गया। टीम ने इनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है।
हर महीने पकड़े जा रहे रिश्वतखोर कर्मचारी
जिले में मैदानी अधिकारी और कर्मचारी किस कदर बेखौफ होकर रिश्वतखोरी कर रहे है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते तीन महीनों से हर महीने एक-दो कर्मचारी अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा रहे है, बीते दिनों पकड़े गए अधिकारियों में नपा के एई रमेश वर्मा, आष्टा का सोसायटी प्रबंधक सहित अब यह बिजली कंपनी का जेई ट्रेप हुआ है। लोकायुक्त टीम द्वारा भी आए दिन कार्रवाई की जा रही है, लेकिन रिश्वतखोर कर्मचारियों में किसी बात का डर दिखाई नहीं दे रहा है।