सीहोर में 6 अगस्त को सीवन तट से कुबेरेश्वर धाम तक निकला जाने वाली कांवड़ यात्रा में देशभर के शिवभक्त जुटेंगे। कुबेरेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित प्रदीप मिश्रा स्वयं शिवभक्तों के साथ कांवड़ लेकर चलेंगे। करीब 11 किमी लंबे यात्रा मार्ग में 300 से अधिक स्थानों पर शिवभक्तों का स्वागत किया जाएगा। कांवड़ यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा का आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामुदायिक एकता और भाईचारे का भी संदेश देता है। इस वर्ष की कांवड़ यात्रा एक नया इतिहास रचने जा रही है। यात्रा की शुरुआत सीवन तट से होकर कुबेरेश्वर धाम तक होगी, जिसमें देशभर के श्रद्धालु भाग लेंगे।
महिलाएं पीली साड़ी, पुरुष भगवा गमछे में नजर आएंगे
समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि यात्रा के दौरान महिलाएं पीले और केसरिया रंग की साड़ियां पहनेंगी, जबकि पुरुष भगवा रंग के गमछे में नजर आएंगे। कार्यकर्ता विशेष टी-शर्ट पहनेंगे, ताकि उन्हें पहचानना आसान हो सके। यात्रा के दौरान हो रही गतिविधियों का सीधा प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि जो लोग उपस्थित नहीं हो सकते, वे वर्चुअल रूप से इससे जुड़ सकें।
ये भी पढ़ें:
सावन के हर सोमवार को यूपी-एमपी के इन जिलों में बंद रहेंगे स्कूल; जानिए कहां-कहां लागू है आदेश
व्यवस्थाएं चाक-चौबंद, पंडाल और जलसेवा की व्यवस्था शुरू
श्रावण मास के आरंभ के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए समाजसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह पंडाल लगाकर नि:शुल्क चाय, पानी और जलसेवा शुरू कर दी है। विठलेश सेवा समिति द्वारा भोजनशाला चलाई जा रही है, जहां श्रद्धालुओं को निशुल्क भोजन वितरित किया जा रहा है। पूरे आयोजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं, ताकि यह यात्रा भव्य, सुरक्षित और अविस्मरणीय बन सके।
ये भी पढ़ें:
इंदौर इस बार फिर नंबर-1, जानें किस कैटेगरी में मिला पहला स्थान, CM डॉ. यादव बोले- गौरवांवित करने वाला क्षण
15 हजार से अधिक शिवभक्त पहुंचे कुबेरेश्वर धाम
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही दो दिनों में 15 हज़ार से अधिक शिवभक्त कांवड़ लेकर सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। विठलेश समिति के मीडिया प्रभारी ने बताया कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु नदियों का जल लेकर कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पहुंच रहे हैं। शनिवार को नागपुर (महाराष्ट्र) से आए विनाकर परिवार सहित कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे लगातार तीन वर्षों से इस यात्रा में भाग ले रहे हैं और इस बार 6 अगस्त की यात्रा में भी शामिल होंगे।