एचडीएफसी बैंक में एक चौंकाने वाला फ्रॉड सामने आया है। गंगा आश्रम स्थित शाखा में खाता खुलवाने पहुंचे एक ग्राहक के साथ खुद बैंक के कर्मचारी ने विश्वासघात किया। कर्मचारी मनोज पटले ने ग्राहक के दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए उसके नाम से फर्जी क्रेडिट कार्ड बनवाया और खुद इस्तेमाल करता रहा।
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने साथी भरत प्रताप सिंह (निवासी सतना) के मोबाइल नंबर को खाते से लिंक करवा दिया, ताकि बैंक से आने वाले कोई भी मैसेज ग्राहक तक न पहुंचे। इस तरह दोनों आरोपियों ने पांच साल तक क्रेडिट कार्ड से पैसे निकालते रहे और शेयर मार्केट में निवेश करते रहे।
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हवाई सफर और महंगी लाइफस्टाइल
आरोपियों की लाइफस्टाइल में अचानक बदलाव आया। कभी हवाई यात्रा तो कभी मंहगे गैजेट्स की खरीद—उन्होंने ग्राहकों के पैसों से ऐश की जिंदगी जी। यहां तक कि लोगों को ब्याज पर रकम देने का काम भी शुरू कर दिया। किसी को शक न हो, इसलिए बैंकिंग व्यवहार बड़ी सावधानी से किया गया।
नोटिस से खुली पोल
हाल ही में जब एक नोटिस एचडीएफसी बैंक की ओर से ग्राहक मोहम्मद इब्राहिम कुरैशी को मिला तो उनके होश उड़ गए। बैंक से जानकारी लेने पर उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर ही क्रेडिट कार्ड जारी किया गया था, जिससे करीब 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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पुलिस की सक्रियता से पकड़े गए आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी रविन्द्र यादव ने सायबर सेल की मदद से एक टीम बनाई। दो दिन में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन डिटेल्स निकलवाई गईं और एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद तीन दिन की कड़ी मेहनत के बाद सतना और पिपरिया से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
कोर्ट से तीन दिन की रिमांड मंजूर
शनिवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां सीजीएम कोर्ट ने उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब इस फ्रॉड में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है और रकम की वसूली की दिशा में भी काम शुरू हो गया है।