फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sehore News: लगातार बदलते मौसम से मूंग फसल में बढ़ रहा इल्ली का अटैक, महंगी दवाओं का छिड़काव भी बेअसर

Mon, 14 Apr 2025 12:08 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

लगातार मौसम में गर्म-ठंडे वातावरण के चलतें उमस का माहौल बना हुआ है, जिससे दवाओं का छिड़काव भी बेअसर साबित हो रहा है। ऐसे में किसान परेशान हैं कि आखिर करें तो क्या करें।
विज्ञापन
मूंग की फसल में इल्लियों का हमला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लगातार मौसम के बदलने से और हवाओं के चलने से बीते 15 दिन में दो से तीन बार मौसम बदल चुका है, जिससे मूंग फसल को बड़ा नुकसान पहुंच रहा है। पूर्व में हुई बारिश से तो किसानों को फायदा ही हुआ था, लेकिन लगातार मौसम के बदलने से अब खेतों में खड़ी मूंग की फसल को लगातार नुकसान हो रहा है। इस समय मौसम खुलते ही किसान फसल को बचाने के लिए महंगी दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं, जिससे कि फसल में सुधार हो सके, लेकिन फिर अचानक मौसम बदलने से दवाएं बेअसर साबित हो रही हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  रोशन कुमार सिंह बने उज्जैन के नए कलेक्टर, पहले संभाल चुके हैं निगमायुक्त का दायित्व

बता दें कि इस वर्ष लगभग 35 हजार हेक्टेयर में जायद फसल मूंग की बुआई की गई है। शुरुआती दौर में फसल अच्छी दिखाई दे रही थी, लेकिन इसी बीच लगातार मौसम के बदलने से मूंग फसल को भारी नुकसान हो रहा है। इस समय मूंग फसल में तंबाकू, मारूका, डायमंड ब्लैक मोथ, सेमीलूपर इल्लियों का प्रकोप अधिक देखा जा रहा है। लगातार मौसम में गर्म-ठंडे वातावरण के चलते उमस का माहौल बना हुआ है, जिससे दवाओं का छिड़काव भी बेअसर साबित हो रहा है। ऐसे में किसान परेशान हैं कि आखिर करें तो क्या करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  शहडोल में पुलिस भी सुरक्षित नहीं, डीएसपी के घर हो गई चोरी, साहब ने नौकर से दर्ज करवाई एफआईआर

उमस और ठंडक से बढ़ी इल्लियां
कृषि विभाग की मानें तो मौसम में गर्म-ठंडक वाला तापमान होने और उमस बनने के कारण इल्लियों का अटैक बढ़ा है। खेतों में सेमीलूपर इल्ली अधिक देखी जाती थी, लेकिन इस वर्ष तंबाकू, मारूका, डायमंड ब्लैक मॉथ जैसी इल्लियां भी दिखाई दे रही हैं। कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के बावजूद तीन से चार दिन में फिर से खेतों में इल्ली की शिकायत मिल रही है। कई किसान को पेस्टीसाइड के अतिरिक्त बॉयोकेमिकल दवाओं और नीम तेल का भी छिड़काव कर रहे हैं, जिससे कि कुछ हद तक राहत मिल सके, लेकिन मौसम का बदलाव दवाओं का बेअसर कर रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें