सीहोर जिले में गुरुवार को उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक परीक्षार्थी ने बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट में उपस्थित होकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और शिक्षा मंत्री के नाम एक ज्ञापन पत्र सौंपा है। इसमें सभी ने मांग किया है कि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा उच्च माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। इन परीक्षाओं में माइनस अंक का प्रावधान किया गया है। जबकि साल 2018 में ली गई परीक्षाओं में माइनस अंक का प्रावधान नहीं था।
बता दें कि साल 2018 में हुई पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को आजीवन पात्र माना गया है तथा भारत के किसी भी राज्यों में यहां तक कि एनईटी और एमपीएसईटी जैसी बड़ी परीक्षाओं में ऋणात्मक अंक का प्रावधान नहीं है। ज्ञापन देने वालों का कहना है कि साल 2023 में ली जा रही पात्रता परीक्षाओं में माइनस अंकों के साथ 60 प्रतिशत अंक लाना असम्भव है। इससिल इन पात्रता परीक्षाओं में माइनस अंक निरस्त कराने की कृपा की जाए।
परीक्षार्थियों का कहना है, अगर ऐसा नहीं किया तो समस्त परीक्षार्थी की ओर से पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा, उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से रश्मि चौहान, अंतिम मालवीय, महेश परमार, श्वेन्द्र वर्मा, कुलदीप बडेदिया, राहुल कामले, प्रदीप बकोरिया, पंकज वर्मा, धर्मेन्द्र वर्मा, धर्मेन्द्र राठौर, ललित मालवीय, अशु लिम्बोदिया, राहुल सूर्यवंशी, राहुल वर्मा, जितेन्द्र वर्मा, संदीप सोलंकी, विष्णु मालवीय, तुषार वर्मा, सुनील चौहान, रोहित मेवाड़ा, भूपेन्द्र मेवाड़ा और शुभम कुमार सहित कई अन्य लोग थे।