सीहोर जिला मुख्यालय के समीपस्थ गांव खजुरिया कलां में खाना बनाने के बाद अचानक आग भभक गई। आग से गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। आग का गुबार करीब 50 फीट तक ऊपर तक उठा। धमाके की आवाज भी करीब दो किमी तक सुनाई दी। इससे गांव में सन्नाटा खिंच गया। सभी ने आगजनी वाले घर की तरफ दौड़ लगाई। फायर बिग्रेड को भी सूचना दी गई। हादसे के समय तीन बच्चे घर में सो रहे थे, जिन्हें आग की लपटों के बीच से मां ने घर से बाहर निकाला, जिससे मां आगजनी में थोड़ी झुलस गई। घटना गुरुवार रात की है।
जानकारी के अनुसार, खजुरियाकलां निवासी धर्मेंद्र अहिरवार की पत्नी मनीषा गुरुवार रात को करीब 10 बजे मिट्टी वाले चूल्हे पर खाना बनाया। उस समय घर पर उसका पति नहीं थी। बताया जाता है कि मनीषा ने लकड़ी की आग बुझा दी थी। गर्मी अधिक होने से मनीषा घर से बाहर आ गई थी। वहीं, उसके तीन बच्चे घर में ही शयन कर रहे थे। इसी दौरान अचानक घर में से आग की लपटें निकलने लगी।
मनीषा ने साहस का परिचय देकर तीनों बच्चों को घर से बाहर लाई
मनीषा ने बताया कि मैं बुरी तरह घबरा गई। तीनों बच्चे घर में सो रहे थे। मैंने मदद के लिए आवाज लगाई। कोई मदद के लिए आता इससे पहले मैं घर में घुसी तो देखा कि आग तेजी से फैल रही है। सिलेंडर के पाइप में आग लगी थी। मैं एक-एक कर तीनों बच्चों को उठाकर बाहर लाई। इसमें मेरी साड़ी जल गई। हाथ व पैर भी झुलस गए। सात साल की बेटी प्रियल के हाथ भी झुलस गए। मनीषा ने बताया कि आग लगने से सब खाक हो गया। मैं हिम्मत नहीं दिखाती तो तीनों बच्चे घर में ही फंसे रह जाते।
आग में सब हुआ खाक, गैस सिलेंडर भी फटा
मनीषा ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखे कपड़े, सामान कुछ भी निकालने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को जद में ले लिया। घर में रखा अनाज, बिस्तर, कपड़े, नकदी, जेवर, बर्तन सहित सब कुछ आग में जल गया। हम घर से कुछ दूरी पर खड़े थे, तभी घर में रखे गैस सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। भगवान की विशेष कृपा रही कि हम चारों बच गए। धर्मेंद्र अहिरवार का कहना है कि आग ने उन्हें सड़क पर ला दिया है। घर में एक दाना भी नहीं बचा है।
आगजनी में ढाई लाख का नुकसान
आगजनी में अपना सब कुछ गंवा चुके धर्मेंद्र अहिरवार ने बताया कि लोगों से सूचना मिलने पर घर पहुंचा तो देखा कि सब खाक हो चुका था। गनीमत रही कि पत्नी व तीनों बच्चे कुशल हैं। मैं गर्मियों में आइसक्रीम बेचता हूं। बाकी समय में मजदूरी कर अपने परिवार का जीवन यापन करता हूं। आग लगने के बाद पुलिस मौके पर आई थी। अब तक कोई अफसर नुकसान का जायजा लेने नहीं आया है। आग में करीब ढाई लाख का नुकसान हुआ है।