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Sehore: समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान खुद अपने मोबाइल से कर सकते हैं पंजीयन, एक मार्च तक है डेट

Tue, 06 Feb 2024 04:00 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

किसान स्वयं अपने मोबाइल से घर बैठे किसान एप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इससे किसानों को पंजीयन केन्द्रों में लाइन लगाकर पंजीयन कराने की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीहोर में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान स्वयं अपने मोबाइल से पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन कार्य एक मार्च तक किया जाएगा। रबी विपणन में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 160 पंजीयन बनाए गए हैं। इसके लिए गत दिवस कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा उपार्जन से संबंधित कार्यों को सुगमता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सुगमता पूर्वक उपार्जन की प्रक्रिया संचालित कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। किसानों की समस्याओं एवं शिकायतों के निराकरण के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है।

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किसान स्वयं अपने मोबाइल से घर बैठे किसान एप के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। इससे किसानों को पंजीयन केन्द्रों में लाइन लगाकर पंजीयन कराने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। किसान ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र तथा सहकारी समितियों एवं विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र एवं एमपी किसान एप पर पंजीयन निःशुल्क करवा सकते हैं। इसके साथ ही एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कामन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र एवं निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर शुल्क देकर पंजीयन करा सकते हैं।

पंजीयन के लिए यह दस्तावेज होंगे जरूरी
पंजीयन कराते समय किसानों को पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे समग्र आईडी, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, पास बुक, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
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सिकमी बटाईदार एवं वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन
सिकमी बटाईदार, वन पट्टाधारी किसानों के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति, विपणन संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर होगी। पंजीयन कराते समय आधार संबंधी दस्तावेज, आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर, सिकमीनामा (निर्धारित प्रारूप में) की प्रति, वनपट्टा क्रमांक, खसरा, रकबे एवं बोई गई फसल एवं सिकमीनामे की प्रति ई-उपार्जन पोर्टल पर स्कैन कर अपलोड करनी होगी। साथ ही पंजीकृत कृषक का विधिवत रिकार्ड संधारित किया जाएगा एवं श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का भूमि सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। सिकमी, बटाईदार, पट्टाधारी किसान का आधार नंबर प्रविष्ट किया जाएगा, आधार नंबर की प्रविष्टि उपरांत ओटीपी प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से सत्यापन उपरांत आधार डेटाबेस में दर्ज संपूर्ण जानकारी यूआईडीएआई से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्राप्त होगी। मोबाइल नहीं होने पर बायोमैट्रिक डिवाइस से भी किया जा सकेगा।

पंजीयन के समय किसानों को मूलभूत जानकारी
पंजीयन के समय कृषक को मूलभूत जानकारी में नाम, समग्र आईडी नंबर, आधार नंबर बैंक खाता नंबर, बैंक का IFSC कोड, मोबाईल नंबर संबधित दस्तावेज तथा विक्रय तिथियों के तीन विकल्प दिए जाएंगे। वन पट्टाधारी एवं सिकमी काश्तकार को पंजीयन के समय दस्तावेजों के साथ-साथ अनुबंध अथवा पट्टे की प्रति उपलब्ध करानी होगी। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा, जबकि भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम से विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उसका पंजीयन मान्य होगा।

किसान गिरदावरी में दर्ज भूमि के रवाने बोई गई फसल एंव फसल की किरण से संतुष्ट न होने पर पंजीयन के पूर्व किसान भूमि, बोई गई फसल एवं फसल की किस्म में संशोधन के लिए गिरदावरी में दावा-आपत्ति करना होगी। दावा-आपत्ति का निराकरण होने एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर किसान संशोधित जानकारी आने पर पंजीयन किया जा सकेगा। गिरदावरी में बोई गई फसल, रकबे एवं फसल कि किस्मों में किसी प्रकार का संशोधन किए जाने पर किसान पंजीयन में तदनुसार स्वतः संशोधन हो जाएगा, जिसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से संबंधित किसान को एनआईसी द्वारा भेज दी जाएगी।

विगत वर्ष के पंजीकृत किसानों का सत्यापन
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत विगत वर्ष के पंजीयन से 50 प्रतिशत अधिक रकबा वाले, चार हेक्टेयर से अधिक रकबा वाले किसान, सिकमी, बटाईदार, कोटवार किसान, किसान के आधार नंबर एवं खसरे में नाम में भिन्नता, अन्य के स्वामित्व की भूमि वाले किसानों का रकबा, फसल एंव फसल की किस्म का सत्यापन नायब तहसीलदार, तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा किया जाएगा एवं वन पट्टाधारी किसानों के रकबे, फसल एंव फसल की किस्म का सत्यापन वन विभाग के अमले द्वारा किया जाएगा, जिसकी प्रविष्टि DM MPSCSC LOGIN से की जाएगी।

स्लॉट का चयन नियमित तिथि से पूर्व करना अनिवार्य
उपार्जन केन्द्र, तिथि और समय के लिए स्लॉट का चयन नियत तिथि के पूर्व करना अनिवार्य होगा। सामान्य तौर पर उपार्जन प्रारंभ होने की तिथि से उपार्जन समाप्त होने के एक सप्ताह पूर्व तक उपार्जन केन्द्र, तिथि और समय के लिए स्लॉट का चयन किया जा सकेगा। किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते मे भुगतान करने में किसी भी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान द्वारा पंजीयन मे उपलब्ध कराए गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरीफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमैट्रिक डिवाइस से किया जाएगा।

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