इंदौर-भोपाल हाईवे पर गुरुवार की सुबह दरबार ढाबे के पास ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने हर किसी का दिल दहला दिया। महू इंदौर के पांच लोग एक विवाह समारोह के लिए भोपाल जा रहे थे। दरबार ढाबे के पास उनकी कार खड़े ट्रक से टकरा गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से मलबे में बदल गया। कुछ ही सेकंड में खुशियों का सफर मातम में बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह करीब 6 बजे जैसे ही कार दरबार ढाबे के पास पहुंची, सामने सड़क किनारे खड़ा ट्रक अचानक नजर आया। ड्राइवर संभल पाता इससे पहले ही कार जोरदार आवाज के साथ ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का ढांचा मुड़कर लोहे की ढेर में बदल गया। पुलिस का कहना है कि दृश्यता और रफ्तार दोनों इस हादसे के कारण माने जा रहे हैं। यह भी जांच हो रही है कि ट्रक नियम विरुद्ध तरीके से खड़ा था या नहीं।
दो लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ा
टक्कर इतनी भयानक थी कि कार चालक मृदंग नेमा (28) पिता संजीव नेमा और कार में सवार संध्या नेमा (56) पत्नी सुनील नेमा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों को कार से निकालना भी बेहद मुश्किल था, क्योंकि टक्कर के बाद कार का ढांचा पूरी तरह पिचक गया था। रेस्क्यू टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। परिवार का यह सफर इस कदर अचानक खत्म होगा, किसी ने नहीं सोचा था। हादसे की खबर सुनते ही महू में भी शोक की लहर दौड़ गई।
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तीन लोग गंभीर घायल, दो भोपाल रेफर
कार में सवार अन्य तीन लोग सुनील नेमा (60), संजय नेमा (45) और मीनल नेमा (40) गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी को जिला अस्पताल सीहोर भेजा गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को भोपाल रेफर कर दिया, जबकि सुनील नेमा को सीहोर अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है। परिवार के सदस्य अस्पताल के बाहर बिलखते नजर आए।
क्या ट्रक ही हादसे की वजह?
कोतवाली टीआई रविन्द्र यादव ने बताया कि जांच जारी है और शुरुआती तौर पर रफ्तार और दृश्यता घटना के प्रमुख कारण लग रहे हैं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ट्रक गलत ढंग से हाईवे पर पार्क था या नहीं, क्योंकि यही लापरवाही कई दुर्घटनाओं की जड़ मानी जाती है। हाईवे पर बिना संकेतक के खड़े भारी वाहन कई जिंदगियों के लिए खतरा बने हुए हैं।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
भोपाल के लिए शुरू हुआ पांच लोगों का सफर कुछ ही मिनटों में मौत का रास्ता बन गया। दो जिंदगियां मौके पर खत्म हो गईं और बाकी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर खड़े ट्रकों और लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे है कि आखिर कब तक सड़क पर खड़ी लापरवाही मासूम जानें लेती रहेगी? परिवार का बिखरता दर्द, टूटी उम्मीदें और सड़क पर फैला मलबा इस त्रासदी की तीखी तस्वीर बयां कर रहा है।