ढोंगी बाबा के चक्कर में फंसकर ठगी का एक मामला मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर की रेहटी तहसील से सामने आया है। ढोंगी बाबा के वेश में एक गुरुजी ने रेहटी के मामा-भांजे को एक लाख रुपये की चपत लगा दी। राहत वाली बात ये रही कि पुलिस ने जालसाज बाबा को तत्परता दिखाते हुए तुरंत पकड़ लिया और कोर्ट में पेश कर दिया। कोर्ट ने भी लोगों के साथ धोखाधड़ी का खेल खेलकर पसीने की कमाई को उड़ाने वाले ढोंगी बाबा अब्दुल (45) पिता मुस्ताक शाह निवासी 16 संयोगनगर, सिरपुर थाना चंदननगर इंदौर की जमानत निरस्त करते हुए जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, फरियादी रामविलास यदुवंशी ने थाना रेहटी में इस आशय की रिपोर्ट लेखबद्ध कराई थी कि मेरे पास मोबाइल नंबर 9589892977 से फोन आया कि मैं गुरुजी बोल रहा हूं। मैं पैसे डबल और कई गुना करने का काम करता हूं, फिर मैंने गुरुजी से मिलना चाहा तो गुरुजी मुझे मालीवायां पर मिले। जहां गुरुजी ने मुझे बताया कि उनके पास शक्तियां हैं, जिनके द्वारा पैसे डबल कर सकता हूं। फिर वो वहां से चले गए। इसके बाद मैंने और मेरे भांजे रामस्वरूप यदुवंशी निवासी सिवनी मालवा ने एक लाख रुपये इकट्ठे कर गुरुजी को शाम करीब 6.30 बजे अपने सगोनिया के खेत पर इंतजार कर रहे थे।
इसके बाद गुरुजी का फोन आया ओर उन्होंने मालीबायां बुलाया। जहा गुरुजी भी हमारे साथ खेत तक आए। इस दौरान बाबा ने हमारे खेत के खाकड़ के पेड़ के नीचे कुछ फूल चढ़ाए और अगरबत्ती लगवाई। उसके बाद हमारे एक लाख रुपये वहीं पेड़ के पास रखवाकर और एक बार नींबू लेकर मुझे खेत के किनारे दूर जाने का और वहीं रूकने को कहा। साथ ही मेरे भांजे रामस्वरूप को एक नींबू हाथ में लेकर रोड साइड जाकर खड़े होने को कहा। ये सब करवा ही रहे थे कि हमें शंका हुई, लेकिन गुरुजी ने वहां से पैसे उठाए और अंधेरे का फायदा उठाकर हमारे एक लाख रुपये को लेकर भाग गए।
मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बुदनी के समक्ष आरोपी अब्दुल शाह ने जमानत आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय द्वारा जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए राज्य द्वारा उपस्थित सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज रघुवंशी द्वारा जमानत पर आपत्ति पर सुनवाई करते हुए आरोपी अब्दुल की जमानत खारिज कर उपजेल भैरूंदा (नसरूल्लागंज) भेज दिया गया।