मध्य प्रदेश के सीहोर में एक फर्जी एनजीओ का खुलासा हुआ है। ग्रामीण महिला की शिकायत पर एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह युवक गोपालपुर थाना क्षेत्र में मुफ्त उपचार का लालच देकर ग्रामीणों से 100-100 रुपये प्रति परिवार वसूलकर ग्रीन कार्ड बना रहा था।
जानकारी के अनुसार मामला गोपालपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने बताया कि दो सितंबल को गांव की संगीता नामक महिला ने शिकायत की थी। उसने बताया था कि कुन्दन पिता सीताराम मालवीय एक एनजीओ दर्पण सेवा संस्थान चला रहा है। कुंदन ने उसे एनजीओ में नौकरी ऑफर की थी। उसका कहना था कि संस्था दर्पण सेवा संस्थान 100 रुपये में परिवार का ग्रीन कार्ड बनाएगी, जिसके बदले में निशुल्क इलाज मिल सकेगा। महिला को सभी से रुपये लेकर कार्ड बनाना है। बनाए गए सदस्यों से समग्र आईडी, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक की फोटोकॉपी लेना है। समग्र आइडी में 4 नाम वाले सदस्यों से फार्म भरवाकर 100 रुपये, अगर समग्र आइडी में परिवार के सदस्यों की संख्या 4 से अधिक है तो प्रति व्यक्ति 30 रुपये अतिरिक्त लेना है।
आरोपी युवक ने महिला को झांसा दिया कि ग्रीन कार्ड बनने के बाद मुफ्त उपचार नर्मदा अस्पताल नसरुल्लागंज में मिलेगा। महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी कुंदन मालवीय ने बताया कि उसे जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त की है। दर्पण सेवा संस्था अबंतिपुर बड़ोदिया के कुंदन मालवीय द्वारा एक पंपलेट, दर्पण सेवा संस्था जन स्वास्थ्य सेवा का और दर्पण सेवा संस्था का ग्रीन हेल्थ कार्ड दिए थे।
पीड़ित जब नर्मदा अस्पताल नसरुल्लागंज पहुंची तो वहां जाकर देखा कि अस्पताल अभी प्रारंभ ही नहीं हुआ है। पीड़ित को आशंका हुई कि आरोपी ग्रामीणों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। पीड़ित ने तत्काल गोपालपुर थाने में आवेदन दिया, जिसकी जांच के बाद पुलिस ने पाया कि दर्पण सेवा संस्था एनजीओ का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी युवक अवंतिपुर बडोदिया जिला शाजापुर का रहने वाला है।
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