रिश्ते को शर्मसार करने वाले भाई को नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म करने पर सीहोर कोर्ट ने 20 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अभिलाष जैन ने सुनाया।
अभियोजन के अनुसार घटना 6 फरवरी 2022 की है। आठ वर्षीय पीड़िता ने अपनी मां के साथ उपस्थित होकर थाना दोराहा पर रिपोर्ट लिखाई थी। बताया था कि घटना के दिन मेरी मां और मेरी बड़ी बहन खेत पर गए हुए थे और बड़ी दीदी भी दादी के घर पर गई थी। मैं दोपहर के समय दो बजे बाथरूम करने के लिए बाहर गई थी। तभी आरोपी नमकीन दिलाने का लालच देकर मुझे साथ ले गया। कमरे में ले गया और दरवाजा बंद कर लिया और मेरे साथ गंदा काम किया। जोर से चिल्लाने लगी तो आरोपी ने मेरे बाल पकड़ लिए और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने जांच के बाद मामला कोर्ट में पेश किया।
अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य एंव तर्को से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। धारा 5(एन)/6 एवं 5(एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का सरंक्षण अधिनियम में 20-20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं धारा 342 भादवि में 6 माह के सश्रम कारावास से दंडित किया गया। इसके साथ ही 3200 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। जिला अभियोजन अधिकारी अनिल बादल के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव द्वारा प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी की गई।