एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने नरवाई में आग लगाने वाले लापरवाह किसानों को समझाइश देते हुए कहा कि नरवाई जलाने से भारी मात्रा में धुआं और हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं। खेतों में आग लगाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है।
गेहूं की पराली में आग लगाकर भूमि की उर्वरक शक्ति को कम करने और दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाले 20 लापरवाह किसानों पर राजस्व विभाग ने केस दर्ज करते हुए एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। एसडीएम ने इस मामले में किसानों को हिदायत दी है कि अगर, कोई किसान ऐसा करता हुआ पाया गया तो अभी केवल जुर्माना लगाया गया है, आने वाले समय में कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ेगा।
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तहसीलदार सौरभ शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में कई किसानों की गेहूं की फसल आग लगने से चौपट हो गई, जिससे उन्हें लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। लापरवाह किसानों द्वारा मूंग बोने की एवज में गेहूं की नरवाई में आग लगाई जा रही थी। आगजनी के बाद पटवारियों द्वारा जब सर्वे कराया गया तो ऐसे 20 लापरवाह किसानों के नाम प्रशासन के सामने आए। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी द्वारा इन किसानों पर केस दर्ज करते हुए 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर, फिर ऐसा किया तो सीधे जेल भेजा जाएगा।
एसडीएम ने दी समझाइश
एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने नरवाई में आग लगाने वाले लापरवाह किसानों को समझाइश देते हुए कहा कि नरवाई जलाने से भारी मात्रा में धुआं और हानिकारक गैसें निकलती हैं, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हैं। खेतों में आग लगाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है। इस लापरवाही के कारण कई किसान भाइयों को नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए ऐसा न करें।
छह किसानों पर दर्ज कराई गई एफआईआर
प्रशासन द्वारा नरवाई में आग लगाने वाले 6 किसानों पर शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। नरवाई में आगजनी के दौरान पंचायत सचिव एवं पटवारियों द्वारा पंचनामा बनाकर प्रशासन को सौंपा गया, जिसके बाद इन किसानों के विरुद्ध प्रकरण थाने भेजा गया। इन किसानों में पाडलिया निवासी मोनू, बबलू पिता देवचंद खाती, चांदाग्रहण निवासी रोहित व राकेश, तथा हालियाखेड़ी के किसान उमाशंकर पिता बाजूलाल के नाम प्रमुख हैं।