सीहोर में करीब दो साल पहले एक बुजुर्ग महिला से मारपीट और लूट के बाद नृशंस हत्या करने वाले तीन दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश वैभव सक्सेना नसरुल्लागंज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 26 दिसंबर 2020 को थाना नसरूल्लागंज के अंतर्गत एक खेत में बने कुएं में वृद्ध महिला का शव मिला था। शव मिलने की सूचना पर नसरुल्लागंज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया था। विवेचना के दौरान लिए गए प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संदेहियो से पूछताछ के आधार पर आरोपी मुंशिया उर्फ रामहेत पुत्र मोतीलाल दरोई, नरेन्द्र मीणा पिता रमेश चन्द्र मीणा, राजेश यादव पिता ताकू सिंह यादव निवासी भादाकुही द्वारा मृतका सुगना बाई की हत्या कर साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से खेत में बने कुएं में शव को फेंकना पाया गया था। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया था।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तहसील नसरुल्लागंज द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत तर्क, बयानों एवं दस्तावेजों को विश्वसनीय मानते हुए दोषियों को धारा 302/120-बी में आजीवन कारावास 394 भादंवि में 10 वर्ष 392 में 07 वर्ष एवं अर्थदंड से दंडित किया गया।