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MP News: अब न बिकेगी शराब और न बजेगा डीजे, सीहोर की तीन पंचायतों ने लिया नशामुक्त होने फैसला

Sat, 13 Sep 2025 02:27 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर की आष्टा तहसील के बेदाखेड़ी, सियाखेड़ी, जफराबाद और मोलूखेड़ी गांवों ने मिलकर शराब और डीजे पर रोक लगाने का फैसला किया। जिसे नहीं मानने पर पंचायत ने जुर्माना तय किया।
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सीहोर की तीन पंचायतें हुई नशामुक्त।
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विस्तार
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सीहोर जिले की आष्टा तहसील के ग्राम बेदाखेड़ी, सियाखेड़ी, जफराबाद और मोलूखेड़ी ने मिलकर ऐसा फैसला लिया है, जिसने पूरे जिले में चर्चा छेड़ दी है। ग्रामीणों ने सार्वजनिक बैठक कर संकल्प लिया कि अब गांव में न शराब की बिक्री होगी और न ही डीजे बजेंगे। यह निर्णय सामाजिक शांति, आर्थिक स्थिति सुधारने और बीमारियों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
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इस फैसले से सबसे अधिक खुशी महिलाओं को हुई है। वर्षों से शराब के कारण परिवारों में झगड़े, विवाद और आर्थिक संकट का बोझ महिलाओं को उठाना पड़ता था। बेदाखेड़ी ग्राम पंचायत की कोटवार अनीता बाई बताती हैं कि झगड़े होते ही सबसे पहले उन्हें मौके पर जाना पड़ता था। शांता बाई भावुक होकर कहती हैं कि उनका बेटा सोनू शराब का आदी था, लेकिन अब शराब बंद होने से घर में शांति लौट आई है। महिलाओं का मानना है कि यह निर्णय उनके जीवन में नया सुकून लाएगा।

प्रशासन और पुलिस का समर्थन
आष्टा एसडीएम नितिन टाले, एसडीओपी आकाश अमलकार और जनपद सीईओ अमित व्यास ने ग्राम सरपंचों की मौजूदगी में ग्रामीणों को शपथ दिलाई। अधिकारियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि कहीं अवैध शराब की सूचना मिलेगी तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसे जिले की अन्य पंचायतों के लिए अनुकरणीय बताया।
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तो लगाया जाएगा जुर्माना
बेदाखेड़ी की सरपंच देवकला बाई जितेंद्र सिंह ने बताया कि पंचायत ने तय किया है कि यदि कोई व्यक्ति शराब लाता या पीता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसी तरह शादी या किसी भी आयोजन में डीजे बजाने पर भी कड़ी कार्रवाई होगी। विवाह जैसे कार्यक्रमों में अब पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोलक, मजीरा और झांझ का उपयोग किया जाएगा। इससे फिजूलखर्ची रुकेगी और सांस्कृतिक धरोहर को भी बल मिलेगा।

अन्ना हजारे के गांव से मिली प्रेरणा
मोलूखेड़ी के सरपंच शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें यह प्रेरणा अन्ना हजारे के गांव रालेगण सिद्धि से मिली। हाल ही में वे वहां गए थे और देखा कि नशामुक्ति व सामाजिक अनुशासन ने कैसे गांव को विकास की राह पर खड़ा कर दिया। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपने गांव में नशा और डीजे बंदी का प्रस्ताव रखा, जिसे ग्रामीणों ने उत्साह से स्वीकार किया। बेदाखेड़ी, मोलूखेड़ी और सियाखेड़ी के ग्रामीणों का कहना है कि शराबबंदी से घर की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। पहले बड़ी संख्या में युवा शराब पर पैसे बर्बाद करते थे, जिससे परिवार संकट में रहता था और बीमारियों से जूझना पड़ता था। अब नशा छोड़ने से बीमारियां कम होंगी और खुशहाली बढ़ेगी।

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शांति का माहौल बनेगा
ग्रामीणों का कहना है कि शराब और डीजे बंद होने से गांव में शांति का माहौल बनेगा। झगड़े-फसाद रुकेंगे और लोग विकास पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे। पहले शराबखोरी और डीजे की तेज आवाज से विवाद और अपराध बढ़ते थे, लेकिन अब इस पर पूरी तरह रोक लगेगी।

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