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MP News: अर्जुन अवॉर्डी बने सीहोर के कपिल, आसान नहीं था जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय का सफर

Fri, 17 Jan 2025 05:35 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर के कपिल परमार ने भारतीय खेल जगत में एक नया इतिहास रचते हुए अर्जुन अवॉर्ड प्राप्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें इस प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार से सम्मानित किया।
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कपिल को सम्मानित करतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीहोर के जूडो खिलाड़ी कपिल परमार को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा गया। राष्ट्र्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परमार को भारत के प्रतिष्ठित खेल पुरस्कार अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान कपिल के अद्वितीय संघर्ष और पैरा जूडो में अभूतपूर्व उपलब्धियों का प्रमाण है।

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पेरिस पैरालंपिक में ऐतिहासिक उपलब्धि
कपिल परमार ने 5 सितंबर 2024 को पेरिस पैरालंपिक के 60 किग्रा J1 वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वे जूडो में पैरालंपिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। उनकी इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के अनेक दिग्गजों ने बधाई दी। पीएम मोदी ने उनकी उपलब्धियों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "कपिल ने देश का मान बढ़ाया है।"

संघर्ष भरा सफर
कपिल परमार का जीवन आसान नहीं था। वे सीहोर के एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता टैक्सी ड्राइवर और मां गांव के जमींदारों के खेतों में काम करती थीं। परिवार के सीमित साधनों के बावजूद कपिल ने कभी हार नहीं मानी। अपनी डाइट और जूडो की प्रैक्टिस के लिए पैसे जुटाने के लिए कपिल खुद भी खेतों में काम करते थे। वे प्रतिदिन 8-10 घंटे खेतों में मेहनत करने के बाद घर लौटकर जूडो की प्रैक्टिस करते थे। उनका जीवन और अधिक चुनौतीपूर्ण तब हो गया जब कक्षा आठवीं में उनकी आंखों की रोशनी कम होने लगी। वर्तमान में उनकी दृष्टि 80 प्रतिशत तक बाधित है, लेकिन इस कमी ने उनके हौसले को कभी कमजोर नहीं होने दिया।
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पैरा जूडो में शानदार प्रदर्शन
कपिल ने 2022 एशियाई खेलों में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था। हालांकि, सेमीफाइनल में ईरान के एस बनिताबा खोर्रम अबादी से हारने के कारण वे स्वर्ण पदक से चूक गए थे, लेकिन उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया।

अर्जुन अवॉर्ड: परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं
कपिल परमार को अर्जुन अवॉर्ड मिलने पर उनके परिजनों और पूरे गांव में खुशी की लहर है। कपिल के संघर्ष और उपलब्धियों ने उनके गांव को गर्व का अनुभव कराया है। उनकी मां और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें प्रेरणा का स्रोत मानते हैं।

कड़ी मेहनत को दिया सफलता का श्रेय
कपिल परमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार, कोच, और कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा, "चुनौतियों से कभी डरें नहीं। कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।"

मां बोलीं- पीछे की कहानी छोड़ो 
कपिल की उपलब्धि पर उनकी मां ने कहा 'मैं बहुत खुश हूं' कपिल की सफलता के बारे में जब उनसे बात की गई तो उन्होंने बस इतान ही कहा कि कपिल की पीछे की कहानी को छोड़ो। वो तो बहुत दरिद्रता से निकला है। अब उसकी क्या बात करूं। उन बातों को तो रहने ही दो। अब तो बस आगे की बात करो।

कपिल का सपना एशियन और ओलंपिक खेल में स्वर्ण पदक जीतना
कपिल परमार अर्जुन अवार्ड जीतने के बाद अपनी खुशियां शेयर करते हुए कहते हैं कि उनका सपना 2026 में जापान में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स और 2028 में यूएसए में आयोजित होने वाले ओलंपिक गेम्स में गोल्ड मारना है। वह अपने लक्ष्य को लेकर पूरी तैयारी करने में अभी से जुटे हैं।

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