सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा सीट के लिए भाजपा द्वारा घोषित किए गए प्रत्याशी गोपाल इंजीनियर को लेकर पार्टी में बगावत के सुर फूट पड़े। टिकट कटने से आहत विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय कार्यकर्ताओं के समक्ष फूट-फूटकर रो पड़े। टिकट वितरण से पार्टी के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने 25 अक्टूबर तक चेहरा बदलने की मांग की है, अन्यथा बगावत भी की जा सकती है।
भाजपा उम्माीदवारों की पांचवीं लिस्ट सामने आने के बाद से ही घमासान मचा हुआ है। कई जगहों पर प्रत्याशियों का विरोध किया जा रहा है, तो वहीं मौजूदा विधायकों के टिकट कटने से भी कई नेताओं में नाराजगी है। भाजपा ने सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा से वर्तमान विधायक रघुनाथ मालवीय का टिकट काटते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष गोपाल इंजीनियर को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसके बाद से उनका विरोध शुरू हो गया है। तीन बार कांग्रेस के झंडे तले विधानसभा का चुनाव लड़ चुके गोपाल इंजीनियर एक साल पूर्व ही भाजपा में शामिल हुए हैं। ऐसे में उन्हें विधानसभा का टिकट दिया जाना भाजपाइयों को रास नहीं आ रहा है और उन्होंने बगावत करने का मन बना लिया है।
बाहरी को टिकट देने से हूं आहत: मालवीय
गोपाल इंजीनियर को भाजपा का प्रत्याशी बनाए जाने से आहत पार्टी के कार्यकर्ताओं की आष्टा तहसील मुख्यालय पर दो जगह बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गोपालसिंह को टिकट देने पर कार्यकर्ताओं ने नाराजगी व्यक्त की। गीतांजलि गार्डन में हुई भाजपा कार्यकर्ताओं को बैठक का नेतृत्व विधायक रघुनाथ मालवीय ने किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विधायक मालवीय भावुक हो गए, नम आंखों से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मालवीय ने कहा कि जनसंघ के जमाने से संगठन की सेवा की है, फिर भी बाहरी व्यक्ति को लाकर टिकट दिया, इससे बहुत दुखी हूं।
भाजपा की विचारधारा के नहीं गोपाल
विधायक मालवीय ने प्रत्याशी गोपालसिंह का नाम लिए बिना निशाना साधते हुए विरोध जताया। विधायक ने कहा कि इस बार पार्टी ने ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जो हमारी विचारधारा से मेलजोल नहीं खाता है। इसे यह भी कह सकते हैं कि विचारधारा का है ही नहीं। विधायक मालवीय बीच में फूट फूटकर रोने भी लगे, जिनको कार्यकर्ताओं ने ढांढस बंधाया। व्यथित होकर विधायक ने कहा कि मैंने जनता जनार्दन के लिए ईमानदारी से काम करने का प्रयास किया है। बैठक में भाजपा मैना मंडल अध्यक्ष भगवानसिंह, सिद्दीकगंज मंडल अध्यक्ष प्रताप जाट थे। विधायक मालवीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि पार्टी ने जो निर्णय लिया है उससे बहुत आघात पहुंचा है। संगठन को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी को उससे को टिकट देना चाहिए जो कार्यकर्ता वर्षों से काम करता आ रहा है, उधर पुराना बस
कार्यकर्ताओं के साथ जाकर भरेंगे नामांकन पत्र
गोपाल इंजीनियर को पाटी का टिकट दिए जाने से आहत विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय ने कहा कि अब सारा निर्णय पार्टी के कार्यकर्ताओं को लेना है। जल्दी ही वे हजारों कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन फार्म भरेंगे, उसके याद कार्यकर्ताओं की मंशानुसार जो भी निर्णय होगा उसके आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। अगर पार्टी आलाकमान निर्णय नहीं बदलता है तो फिर हमें भी निर्णय लेना पड़ेगा।
भाजपा का निर्णय गलत: नागौरी
आष्टा पुराना बस स्टैंड जैन धर्मशाला में भाजपा कार्यकर्ताओं के दूसरे गुट को हुई बैठक में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ललित नागौरी ने भी गोपाल सिंह को टिकट मिलने पर विरोध जताया। नागौरी ने कहा कि सन 1951 से बने भारतीय जनसंध में कार्यकर्ता तैयार किए जाते थे। पहले स्वयंसेवक हुआ करते थे फिर विद्यार्थी परिषद और उसके बाद युवा मोर्चा बनता था। भारतीय जनता पार्टी की यही सीढ़ी है। जिसमें कार्यकती नीचे से लेकर ऊपर पहुंचता है और इस लायक बनता है कि चुनाव लड़ सके। शनिवार को भाजपा के आए निर्णय में पार्टी का स्वरूप बदल दिया है। विधानसभा चुनाव में पार्टी ने मूल उद्देश्य से अलग होकर जो निर्णय गोपालसिंह को टिकट देने का लिया गया। वह गलत है।
टिकट की दावेदारी जता रहे कैलाश बमाना ने कहा कि भाजपा ने जो दायित्व सौंपा उसका ईमानदारी से निर्वहन किया है। इसके बाद भी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने दूसरी पार्टी से आए गोपालसिंह को टिकट दिया है। शीर्ष नेतृत्व से सिर्फ इतना पूछना चाहता हूं कि गोपालसिंह की एक खूबी बता दे कि जिसके आधार पर टिकट दिया है, इस अवसर पर भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष मुकेश बडजात्या ने कहा कि पार्टी को वापस विचार करना चाहिए।