बुधवार रात सीहोर जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम की मध्य प्रदेश भाजपा द्वारा कोई घोषणा नहीं की गई। जिला भाजपा अध्यक्ष रवि मालवीय ने कहा कि बुधवार रात को सोशल मीडिया पर एक फर्जी पत्र जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम की घोषणा का वायरल हुआ, जो पूरी तरह से फर्जी है। मध्य प्रदेश भाजपा द्वारा अधिकृत रूप से सीहोर जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम की कोई घोषणा नहीं हुई है।
जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती ने कहा कि जिला भाजपा ने इस मामले को अति गंभीरता से लिया है। सोशल मीडिया पर किस ग्रुप में सबसे पहले उक्त फेक और फर्जी घोषणा का पत्र पोस्ट हुआ, इसकी गहराई से जांच की जा रही है। फर्जी पत्र बनाने और उसे जारी करने वाले की खोज कर, जिला भाजपा द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पर्यवेक्षक बोले जिलाध्यक्ष की घोषणा के लिए नहीं आए
भाजपा के नए जिलाध्यक्ष को लेकर बुधवार दोपहर से देर रात तक कशमकश चलती रही। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि पर्यवेक्षक बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष की घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैठक में पर्यवेक्षक ने स्पष्ट किया कि वह जिलाध्यक्ष की घोषणा करने नहीं आए, बल्कि संविधान गौरव अभियान के तहत यह बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पर्यवेक्षक ने संविधान गौरव अभियान पर चर्चा की और प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया के तहत सभी जिला प्रभारियों से फार्म भरवाए। बता दें कि बुधवार रात भाजपा ने 15 जिलाध्यक्षों की घोषणा की थी, लेकिन सूची में सीहोर जिलाध्यक्ष का नाम नहीं था।
सहमति न बनने से रुकी घोषणा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सीहोर जिलाध्यक्ष के नाम पर सहमति न बनने के कारण घोषणा रुकी है। कुछ पदाधिकारी यह भी कयास लगा रहे हैं कि नियमों को शिथिल करते हुए जिलाध्यक्ष की घोषणा की जा सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो रवि मालवीय और गौरव सत्री महाजन में से किसी एक को जिलाध्यक्ष बनाया जा सकता है।
निर्मला बारेला का फेक पत्र हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर नसरुल्लागंज क्षेत्र की महिला नेत्री निर्मला बारेला का भाजपा जिला अध्यक्ष बनने का लेटर वायरल हुआ। इसके चलते कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई भी दी। हालांकि, यह पत्र पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद भाजपा जिला अध्यक्ष रवि मालवीय को इसे लेकर बयान जारी करना पड़ा।
बारेला को दी जा सकती है जिम्मेदारी
बता दें कि बुदनी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत में बारेला समाज की भूमिका को देखते हुए यह भी चर्चा रही कि निर्मला बारेला का नाम जिलाध्यक्ष पद के लिए आगे बढ़ सकता है। राजनीतिक अटकलों के अनुसार, भाजपा महिलाओं को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी देना चाहती है, और बारेला समाज इस भूमिका के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।