सुरेंद्र सिंह बनी सीहोर जिला पंचायत अध्यक्ष
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अध्यक्ष पद को लेकर राजू राजपूत ने अपना नामांकन पत्र भी दाखिल कर दिया, लेकिन अचानक हुए घटनाक्रम के बाद स्थितियां सुरेंद्र सिंह के पक्ष में हो गई। दरअसल, भाजपा के चार जिला पंचायत सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी जता रहे थे। इसमें जलज यदुराज चौहान, राजू राजपूत, रचना सुरेंद्र सिंह सहित एक अन्य सदस्य शामिल थे। बताया जा रहा है कि रचना सुरेंद्र सिंह के पास में चार सदस्य थे। इसी दौरान उन्होंने विरोध जताते हुए खुद का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में आगे कर दिया।
इसी तरह अन्य सदस्यों ने भी राजू राजपूत के नाम पर आपत्ति जताई और क्रॉस वोटिंग की धमकी भी दी। सूत्र बता रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकित हुए सुरेंद्र सिंह को कांग्रेस के चार सदस्यों का भी समर्थन था। वह कांग्रेस के चार सदस्य और अपने चार सदस्यों के साथ में बहुमत के साथ अध्यक्ष पद की दौड़ में अपने आप को आगे मान रहे थे। इधर कांग्रेस खेमे ने भी अध्यक्ष पद को लेकर तमाम प्रयास किया, लेकिन बहुमत जुटाने में असफल रहे।
बहुमत नहीं जुटा सके
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हुई वोटिंग से पहले सभी सदस्यों को भोपाल से स्पेशल बस में पहले सीहोर के एक रिसॉर्ट लाया गया। यहां पर बैठकर मंथन हुआ। भाजपा ने अधिकृत नाम राजू राजपूत का घोषित किया था, लेकिन रचना सुरेंद्र सिंह भी अड़े रहे। इसी बीच उन्होंने जिला पंचायत पहुंचकर अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था। बाद में सभी सदस्य भी जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। इसके बाद राजू राजपूत ने भी अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश सक्सेना भी यहां पर मोर्चा संभाले हुए थे, लेकिन बहुमत नहीं जुटा सके।