इलाज के अभाव में फिर एक प्रसूता महिला की मौत
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सीहोर जिला अस्पताल में इलाज के अभाव में एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से उनकी बेटी की मौत हुई। समय पर अस्पताल प्रबंधन उपचार में लाभ नहीं होने का बता देता तो वे निजी अस्पताल में उपचार करा लेते, ताकि उसकी जान बच जाती।
तीन दिन पहले ग्राम कोलू खेड़ी इछावर निवासी 22 वर्षीय लक्ष्मी बारेला को डिलीवरी के लिए जिला अस्पताल भर्ती किया गया था। महिला के ससुर तुकाराम बारेला ने आरोप लगाया कि डॉक्टर बार-बार कह रहे थे कि महिला की हालत में सुधार हो रहा है। तीन दिन में ड्यूटी पर तैनात अलग-अलग डॉक्टरों ने उनकी बहू को देखा। बाद में कह दिया कि हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। तुकाराम ने कहा कि अगर वो समय से उनकी बहू की तबीयत खराब होने की बात बता देते तो वे बहू को निजी क्लीनिक में उपचार के लिए ले जाते और शायद उसकी जान बच जाती, लेकिन अस्पताल स्टाफ लापरवाही बरतता रहा। इससे उनकी बहू की मौत हो गई। उन्होंने दोषी डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ पर कार्रवाई करने की मांग की।
सुबह से ही महिला की बीपी होने लगी थी कम
उधर, सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण गुप्ता ने बताया कि सुबह से ही महिला की पल्स और बीपी लगातार कम होने लगी थी। महिला को पहले से कई बीमारियां भी थीं। इसके चलते उनकी और उनके बच्चे की मौत हो गई। मौत का आरंभिक कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है।