सीहोर जिले ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में पाया दूसरा स्थान
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सीहोर जिले ने सीएम हेल्पलाइन की 79.69 प्रतिशत शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। बीते दिनों कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर के निर्देश पर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के लिए निरंतर कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया था।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण के लिए राज्य स्तर पर की जाने वाली ग्रेडिंग में शिकायतों के समय सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण को सर्वाधिक वेटेज दिया जाता है। सीहोर जिले में 4728 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनका जिले ने 79.69 फीसदी निराकरण किया। वहीं, छिंदवाड़ा जिले ने 80.07 प्रतिशत शिकायतों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया।
कलेक्टर चंद्र मोहन ठाकुर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का त्वरित और संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के लिए सभी अधिकारियों को लगातार प्रेरित करते रहे। कार्यशाला में सभी विभागों के अधिकारियों का मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग के साथ ही नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर प्रगति वर्मा एवं सीएम हेल्पलाइन की नोडल अधिकारी ममता दुबे पाण्डे को दी गई थी। दोनों अधिकारियों ने सतत शिकायतों के निराकरण की मॉनिटरिंग की और निराकरण में कठिनाई आने पर संबंधित अधिकारियों को सहयोग किया।
कार्यशाला के जरिए दूर किए गए गतिरोध
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कार्यशाला आयोजित कर शिकायतों में आने वाले गतिरोध को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान की। तकनीकी सहयोग के लिए लोक सेवा प्रबंधन और एनआईसी के अधिकारियों को भी कार्यशाला में बैठाया गया। जिसके सार्थक परिणाम के रूप में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर आ गया।
अधिकारियों ने किए सराहनीय प्रयास
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों ने गंभीरता से प्रयास किए। अधिकारियों ने हितग्राहियों से लगातार संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं को जाना और संतुष्टिपूर्ण निराकरण कराया। वरिष्ठ कार्यालयों से भी निराकरण के लिए प्रयास किए।
शिकायतकर्ताओं से मिलकर जानी समस्याएं
अधिकारियों ने सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों के लिए फील्ड में जाकर शिकायतकर्ताओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को जाना, जिससे समस्याओं का निराकरण करने में सहायता मिली। हितग्राहियों ने अधिकारियों के फील्ड में आकर शिकायतों का निराकरण करने की सराहना की।