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सीहोर: पॉलीथिन तालाब ने खेती को बनाया लाभ का धंधा, सीजनल फसलें बोकर किसान हो रहे धनवान

Sat, 12 Feb 2022 09:30 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

पॉलीथिन तालाब ने सीहोर जिले के किसानों की किस्मत बदल दी है। पहले खेती के लिए किसानों को पानी की परेशानी से जूझना पड़ता था, लेकिन अब खेत में ही पॉलीथिन तालाब की मदद से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिल रहा है।
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किसान के खेत में बना पॉलीथिन तालाब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीहोर जिले में पहले किसानों को गर्मी के दिनों में सिंचाई के पानी के लिए किल्लत का सामना करना पड़ता था। पानी की समस्या से जूझते किसान साल भर खेतीबाड़ी भी नहीं कर पाते थे, लेकिन पॉलीथिन तालाब ने किसानों की सिंचाई के पानी की समस्या को हल कर दिया है। पहले बारिश का पानी बहकर बर्बाद हो जाता था, जो अब गांव के किसान पॉलीथिन तालाब बनाकर उसमें इकट्ठा कर लेते हैं और फिर बारिश के बाद के अन्य महीनों में उसका उपयोग खेतों की सिंचाई में लिया जाता है।
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सीहोर जिले के ग्राम डोबरा निवासी किसान महेंद्र सिंह दांगी ने एक जागरूक किसान बनकर बारिश का पानी जमा करने के लिए पॉलीथिन तालाब बनाया। अब वे तालाब के पानी की मदद से साल भर अच्छे से खेती कर पा रहे हैं। उन्हें सिंचाई के लिए पानी की परेशानी से नहीं जूझना पड़ता। 

किसान महेन्द्र सिंह के पास लगभग साढ़े तीन हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण रबी सीजन में सिर्फ चना, सरसों और अलसी की खेती कर पाते थे। इन फसलों से उन्हें ज्यादा आमदनी नहीं होती थी। गुजारा करना भी मुश्किल था, लेकिन अपने खेत में पॉलीथिन तालाब का निर्माण कराकर उन्होंने बारिश के पानी को जमा किया और अब वे गेंहू के साथ ही लहसुन, प्याज की खेती कर लाभ कमा रहे हैं।
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पॉलीथिन तालाब से रबी की फसलों के लिए उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाता है। महेंद्र सिंह अब गांव के दूसरे किसानों को भी पॉलीथिन तालाब बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।  
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