सीहोर में पति-पत्नी ने एक ही जमीन कई लोगों को बेचकर करीब 1.5 करोड़ की ठगी की। 11 शिकायतें मिलीं हैं, जिसके बाद 5 केस दर्ज हुए हैं। मुख्य आरोपी गिरफ्तार है।
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में जमीन के नाम पर एक सुनियोजित ठगी का मामला सामने आया है, जिसने कई परिवारों की जीवनभर की जमा-पूंजी हड़प ली। एक ही कृषि भूमि को कई लोगों को बेचकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले पति-पत्नी और उनके सहयोगियों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच प्रकरण दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम नोनीखेड़ी निवासी दीनदयाल शर्मा और उनकी पत्नी वैशाली शर्मा ने कथित रूप से खसरा क्रमांक 537/04 (रकबा 1.962 हेक्टेयर) की जमीन को कई लोगों को बेचने का जाल बिछाया। आरोप है कि दोनों ने अलग-अलग व्यक्तियों से नकद और चेक के माध्यम से राशि ली और विधिवत विक्रय नामे भी तैयार कराए, जिससे खरीदारों को संदेह नहीं हुआ। हालांकि, किसी भी खरीदार के नाम जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई।
अब तक 11 लोगों ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिनमें से 5 मामलों में प्रारंभिक जांच के बाद अपराध दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। शिकायतकर्ताओं में भोपाल के निवासी दीपक मिश्रा, गुलाब सिंह राठौड़, जितेंद्र सिंह, दिनेश कुमार सिंह और आरएन साहू शामिल हैं।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण क्रमांक 211/26, 218/26, 219/26, 221/26 और 222/26 दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला साधारण धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र है। मुख्य आरोपी दीनदयाल शर्मा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जिला जेल सीहोर भेज दिया गया है, जबकि अन्य मामलों में उसकी गिरफ्तारी शेष है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों और दलालों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के अनुसार आरोपी एक संगठित नेटवर्क के जरिए लोगों को फंसाते थे। वे पहले ग्राहकों को आकर्षित करते, फिर फर्जी खरीदार खड़े कर ज्यादा कीमत का लालच देकर असली खरीदारों को जल्दी भुगतान करने के लिए प्रेरित करते थे। जांच में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आने की आशंका है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अन्य शिकायतों की जांच जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद से पहले उसकी पूरी कानूनी जांच करें और बिना सत्यापन बड़ी राशि का लेन-देन न करें।