सीहोर नगर पालिका के सीएमओ योगेंद्र पटेल के निर्देश पर शुक्रवार को नगर पालिका टीम ने सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलीथिन का उपयोग करने वाले 10 दुकानदारों पर जुर्माना लगाया है। यहां प्रतिबंध के बाद भी बाजारों में धड़ल्ले से अमानक पॉलीथिन का उपयोग हो रहा है। शहर में दुकानों पर व्यापारी से लेकर हाथ ठेले वाले सामान खरीदने पर ग्राहकों को पॉलीथिन में ही सामान दे रहे हैं। पॉलीथिन के कारण नालियां जाम हो रही हैं और प्रदूषण भी हो रहा है।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर्यावरण को पहुंचा रही नुकसान
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने लोगों से प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग नहीं करने की अपील की है, क्योंकि पॉलीथिन का उपयोग कर फेंक दिए जाने के बाद यह आसानी से नष्ट नहीं होती है। यह जमीन में जहां भी होती है वहां एक परत का काम करती है। इससे वाटर रिचार्ज नहीं हो पाता। सिंगल यूज प्लास्टिक को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक इसलिए भी माना गया है कि क्योंकि ये डिकंपोज नहीं होती है। यह पर्यावरण में जहरीले रसायन छोड़ती है। इससे जानवरों को भी नुकसान पहुंचता है।
नपा कर्मियों ने व्यापारियों और दुकानदारों को दी हिदायत
नगर पालिका के अमले ने शुक्रवार को कई दुकानदारों को समझाया। साथ ही नपा टीम में शामिल अधिकारियों ने व्यापारियों के ठेलों और दुकानों पर मिली प्रतिबंधित पॉलीथिन को लेकर संकल्प दिलाया। इस दौरान नपा कर्मियों ने व्यापारियों को हिदायत भी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रतिबंधित पॉलीथिन का उपयोग किया तो सीधे कार्रवाई होगी। इसके लिए वे नियमित रूप से चेकिंग करेंगे। जिस व्यापारी के पास पॉलीथिन मिलेगी। उनका ऑन द स्पॉट फाइन वसूला जाएगा। इधर, व्यापारियों ने भी कपड़े के थैले का उपयोग करने का भरोसा दिलाया है।
पॉलीथिन जानवरों के लिए भी साबित हो रहा खतरनाक
नगर पालिका के अमले का कहना है कि पॉलीथिन में पैक कर कूड़े को फेंकना भी जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जिस पॉलीथिन में हम अपने कूड़े को रखकर बाहर फेंकते हैं, कई बार सड़क पर घूम रही गायें या अन्य जानवर उन्हें खा लेते हैं। यह जानवरों के पेट में जमकर पूरे पाचन तंत्र को खराब कर देते हैं। इससे मवेशी की मौत हो जाती है।