फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीहोर: डायवर्शन कराया नहीं और कृषि भूमि पर बनाने लगा था कॉलोनी, कोर्ट ने सुनाई तीन साल कैद की सजा

Thu, 31 Mar 2022 04:33 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

सीहोर अदालत ने एक मामले में कृषि भूमि का डायवर्शन कराए बिना कॉलोनी का निर्माण करने वाले अभियुक्त को 3 वर्ष का कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। ये फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनोज कुमार भाटी आष्टा ने सुनाया।
 
विज्ञापन
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कृषि भूमि का डायवर्शन कराए बिना कॉलोनी का निर्माण करने वाले अभियुक्त को  सीहोर अदालत ने 3 वर्ष का कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। ये फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनोज कुमार भाटी आष्टा ने सुनाया।
विज्ञापन


सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, महेन्द्र सितोले ने बताया कि भूमि खसरा क्र 2,3,4 ,5,6/1क1/1 रकबा 0.202 हैक्टेयर भूमि व खसरा क्र 2,3,4,5,6/1/5ख, रकबा 0.082 हैक्टेयर राजस्व अभिलेख में माणकचंद साहू पिता सुंदरलाल साहू के नाम दर्ज हैं। उपरोक्त भूमि को माणकचंद साहू द्वारा छोटे-छोटे भूखंड बनाकर विक्रय कर अवैध कॉलोनी बनाई जा रही थी। भूमि का डायवर्शन एवं कॉलोनी निर्माण के संबंध में वैध अनुमति नहीं ली गई थी। इस संबध में जाच उपरांत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व आष्टा ने आदेश पारित कर माणकचंद साहू के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए आदेशित किया गया था। इस पर से थाना आष्टा में धारा 420 भादंवि एवं 61घ मप्र पंचायत राज अधिनियम 1993 का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत अभियोग-पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनोज कुमार भाटी आष्टा, सीहोर ने अभियुक्त माणकचंद साहू निवासी मेवाड़ा कॉलोनी आष्टा को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें