सीहोर में नाबालिग साली के साथ छेड़छाड़ करने के मामले में आरोपित जीजा को न्यायालय ने तीन साल का कठोर कारावास और तीन हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो} की कोर्ट ने 22 वर्षीय शकील खां निवासी खेरखेड़ी कुरावर कोटरा को साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
सहायक मीडिया सेल प्रभारी कुमुद सिंह सेंगर ने बताया कि साढ़े 14 वर्षीय पीड़िता के छह भाई बहन हैं। पांच अक्टूबर 2021 को उसके मम्मी.पापा दूसरे के खेत पर सोयाबीन काटने के लिए गए थे। घटना के दिन उसका बडा भाई गांव में कुछ काम से गया था। घर पर उसके साथ उसकी दो साल की बहन थी। इस दौरान जीजा शकील घर पहुंचा और उससे पानी मांगा था। जब वह पानी लेने अंदर गई तो वह भी उसके पीछे चला गया और उससे छेड़छाड़ करने लगा। नाबालिग के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया था। खेत से काम कर लौटे परिजनों को पीड़िता ने पूरी घटना बताई। परिजनों ने श्यामनगर थाना में शकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पीड़िता के परिजनों ने जिक्र किया था कि वह पहले से ही उसे परेशान कर रहा था। पुलिस ने विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अशोक भारद्वाज द्वारा अभियुक्त शकील खां को अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव द्वारा न्यायालय के समक्ष दिये गये तर्कों से सहमत होकर आरोपी को धारा.7/8 पॉक्सो एक्ट में तीन वर्ष का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड का फैसला सुनाया गया।