सीहोर के आष्टा बायपास स्थित डेंटिंग-पेंटिंग गैराज में रविवार सुबह भीषण आग लगने से 18 से अधिक कारें जलकर राख हो गईं। सिलिंडर धमाकों से अफरा-तफरी मच गई। तीन दमकलों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक अनुमान में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई। पढ़ें पूरी खबर
सीहोर के आष्टा में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भोपाल-इंदौर बायपास स्थित चौपाटी के पास एक डेंटिंग-पेंटिंग व मैकेनिकल वर्कशॉप अचानक आग की भयावह लपटों में घिर गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गैराज में सर्विसिंग के लिए खड़ी महंगी कारें एक-एक कर आग की भेंट चढ़ती चली गईं। कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा मंजर बन गया मानो किसी ने आग का तांडव खोल दिया हो।
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जानकारी के अनुसार, न्यू इंडिया डेंटिंग पेंटिंग एंड मैकेनिकल वर्कशॉप में सुबह करीब आठ बजे अचानक धुआं उठना शुरू हुआ। इससे पहले कि कर्मचारी कुछ समझ पाते, आग तेजी से फैल गई। आसपास मौजूद लोगों ने धुएं का गुबार और उठती लपटें देखीं तो अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी दुकानों से बाहर भागे और सड़क पर वाहनों की आवाजाही थम गई। आग की चपेट में गैराज में रिपेयरिंग और पेंटिंग के लिए खड़ी करीब 18 से 20 चारपहिया गाड़ियां आ गईं। इनमें कई महंगी कारें भी शामिल थीं।
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मौके पर खड़े लोगों के साथ पीड़ित।
- फोटो : अमर उजाला
दमकल पहुंची लेकिन पानी खत्म, बढ़ी मुश्किलें
कुछ ही देर में सभी वाहन आग की लपटों में घिरकर राख हो गए। इसके साथ ही डेंटिंग-पेंटिंग मशीनें, स्पेयर पार्ट्स, मैकेनिकल उपकरण, रंग-रसायन और अन्य सामान भी पूरी तरह जल गया। प्रारंभिक तौर पर करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका आष्टा की दमकल मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआती प्रयास के दौरान दमकल का पानी महज दस मिनट में खत्म हो गया। हालात इतने गंभीर थे कि आग बुझाने की रफ्तार थम गई। इसी बीच बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण निजी टैंकरों को भी पानी भरने में परेशानी आई, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ।
दूर-दूर तक उठा धुएं का गुब्बार।
- फोटो : अमर उजाला
तीन दमकलों ने चार घंटे तक किया संघर्ष
आग की भयावहता को देखते हुए जावर और कोठरी नगर परिषद से अतिरिक्त दमकलें बुलाई गईं। तीनों दमकलों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से करीब चार घंटे तक लगातार मशक्कत की। पानी की तेज बौछारों और अथक प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया जा सका। यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं होता तो आसपास की दुकानों और रिहायशी इलाके तक आग फैल सकती थी।
सिलिंडर धमाकों से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के दौरान कई बार जोरदार धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। बताया जा रहा है कि वर्कशॉप में डेंटिंग-पेंटिंग कार्य में उपयोग होने वाले गैस सिलिंडर रखे थे, जो आग की तपिश में फट गए। इन धमाकों से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोग जान बचाकर दूर भागते नजर आए।
वर्कशॉप पर बिखरा पड़ा मलवा।
- फोटो : अमर उजाला
कचरे से लगी आग या तकनीकी चूक? जांच शुरू
फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्कशॉप के पीछे पड़े कचरे में किसी ने आग लगाई थी, जो फैलते हुए गैराज तक पहुंच गई। वहीं कुछ लोग शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव की आशंका भी जता रहे हैं। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
वर्कशॉप मालिक की आंखों से छलके आंसू
घटनास्थल पर जब वर्कशॉप संचालक आमिर और उनके पिता नूरभाई पहुंचे तो जल चुकी कारों और राख में तब्दील अपने कारोबार को देखकर खुद को संभाल नहीं सके। नूरभाई की आंखों से आंसू छलक पड़े। वर्षों की मेहनत और खून-पसीने से खड़ा किया गया कारोबार कुछ ही मिनटों में राख हो चुका था। वहां मौजूद हर व्यक्ति इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हो उठा।
प्रारंभिक रिपोर्ट में 18 से अधिक वाहनों के जलने की पुष्टि
घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि रायसिंह मेवाड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नुकसान का आंकलन कर सहायता दिलाने की बात कही। एसडीएम नितिन कुमार टाले और तहसीलदार रामलाल पगारे ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही तत्काल राहत दल भेजा गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट में 18 से अधिक वाहनों के जलने की पुष्टि हुई है। आग के वास्तविक कारणों की जांच कराई जाएगी।