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सीहोर: एक शिक्षक ने बदल दी स्कूल की तस्वीर, राज्यपाल पुरस्कार ने मिली राशि से स्कूल में बनवाया स्मार्ट कक्ष

Fri, 17 Dec 2021 02:41 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर

सार

जिले के गांव कोड़ियाछीतु के माध्यमिक स्कूल की तस्वीर बदली नजर आ रही है। शिक्षक संजय सक्सेना ने राज्यपाल पुरस्कार के रूप में मिली राशि से अपने शासकीय विद्यालय में नवाचार करते हुए बच्चों के लिए स्मार्ट कक्ष तैयार करवाया है।
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शिक्षक ने बनवाई सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के गांव कोड़ियाछीतु के माध्यमिक स्कूल की तस्वीर बदली-बदली नजर आ रही है। एक शिक्षक संजय सक्सेना ने निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं जुटा ली हैं। नतीजतन स्कूल में बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है। उन्होंने राज्यपाल पुरस्कार के रूप में मिली राशि से अपने शासकीय विद्यालय में नवाचार करते हुए बच्चों के लिए स्मार्ट कक्ष तैयार करवाया है।
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जी हां, हम बात कर रहे हैं छोटे से गांव कोडिय़ाछीतु के माध्यमिक स्कूल की। यहां पढऩे वाले बच्चे स्कूल से घर जाने का नाम नहीं लेते हैं। डिजिटल आकर्षक थ्रीडी चार्ट, बैठने के लिए आकर्षक बैंच, स्मार्ट टीवी, आकर्षक फर्श-कारपेट जैसी सुविधाएं यहां देखने को मिल रही हैं। स्थिति यह है कि गांव में प्राइवेट स्कूल में बच्चे न के बराबर हो गए हैं। सर्वाधिक संख्या कक्षा पहली कक्षा में है।

माध्यमिक स्कूल कोडिय़ाछीतु के शिक्षक संजय सक्सेना का बच्चों के प्रति मेहनत और उन्हें देश का भविष्य बनाने की ललक है। स्कूल में लगातार बच्चों के शिक्षा के प्रति ललक पैदा करने के परिणामस्वरूप में उन्हें 5 सितंबर को राज्यपाल पुरस्कार मिला था। उस समय शिक्षक सक्सेना ने पुरस्कार के रूप में मिली राशि को अपने पिता स्वर्गीय हरीप्रसाद सक्सेना को समर्पित करते हुए सरकारी स्कूल में कक्षा 1 और 2 के लिए स्मार्ट क्लास के रूप में खर्च करने की बात कही थी। उनका ये सपना अब पूरा हो गया है। उन्होंने राज्यपाल पुरस्कार के रूप में मिली राशि से अपने शासकीय विद्यालय में नवाचार करते हुए बच्चों के लिए स्मार्ट कक्ष तैयार करवाया गया है। जिसमें बच्चों के लिए डिजिटल आकर्षक थ्रीडी चार्ट, बैठने के लिये आकर्षक बैंच, स्मार्ट टीवी की व्यवस्था भी है।
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स्कूल में बच्चे आते हैं खुशी-खुशी
स्कूल में बच्चे खुशी-खुशी आते हैं और पूरे मन से मनोरंजनात्मक तरीके से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वहीं स्कूल के शिक्षक के इस प्रयास की प्रशंसा करते नहीं थक रहे हैं। स्मार्ट क्लास के रूप में बच्चे इतने मंत्रमुग्ध हो रहे हैं कि स्कूल आने के बाद घर जाने का नाम की नहीं ले रहे।

शिक्षक सक्सेना ने बताया कि बच्चों को बेहतरीन सुविधा देने के मेरे सपने को पूर्ण करने में मेरे सहयोगी साथीगण शिक्षक डीके मालवीय, दरियाव सिंह मालवीय, हेमराज बामनिया, शशीबाला नामदेव, शशिकला पाण्डे, फूलवती सेन का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने विद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने, अच्छी शिक्षा प्रदान करने में पूरी भागीदारी निभाते हुए सहयोग किया है। इसी का परिणाम है कि आज हमारे शासकीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 210 हो गई है तथा सर्वाधिक संख्या कक्षा पहली में है। साथियों के सहयोग का परिणाम यह है कि आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा में रुचि ना लेकर गांव के सभी बच्चों का प्रवेश हमारे शासकीय विद्यालय कोडिय़ाछीतु में कराया गया है।

डीपीसी ने की सराहना
डीपीसी अनिल श्रीवास्तव, संकुल प्राचार्य नीना दुबे एवं अन्य ब्लाक के अधिकारीगणों ने गुरुवार को स्मार्ट क्लास में बच्चों के साथ अपना समय बिताया। इस मौके पर उपस्थित जिला परियोजना समन्वयक श्रीवास्तव ने संजय सक्सेना द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यदि इसी तरह सभी शासकीय स्कूलों सुविधाएं मिलें तो निश्चित शासकीय स्कूलों की दशा व दिशा दोनों बदल सकेगी। 
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