गांजे का परिवहन करने वाले दो आरोपियों को 15 साल सश्रम कारावास की सजा
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सीहोर जिला विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस एक्ट) ने अवैध रूप से मादक पदार्थ गांजा का परिवहन करने वाले 2 आरोपियों को दोषी पाए जाने पर 15-15 साल सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। जिला अदालत ने अभियुक्त गौरीशंकर (पिता देवकरण धनगर निवासी सेमरादांगी, थाना दोराहा), हरीश राठौर (पिता गोवंद राठौर निवासी चांदबड़ थाना मण्डी जिला- सीहोर) को 15-15 साल सश्रम कारावास और 1-1 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
मीडिया सेल प्रभारी केदार कौरव ने बताया गया कि 20 मार्च 2018 को जब अविनाश भोपले और अन्य थाना स्टाफ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान करीब 12:50 बजे एक गोल्डन ग्रे कलर की फोर्ड फिस्टा कार MH-04-ES-2448 सीहोर से श्यामपुर की ओर आती कार को रोका गया। कार में दो व्यक्ति सवार थे। जिनसे वाहन के कागजात एवं चालक के लायसेंस के संबंध में पूछे जाने पर कागजात न होने की बात कही। संदिग्ध पाये जाने पर दोनों को कार से निकालकर पूछताछ किए जाने पर चालक ने अपना नाम गौरी शंकर पिता और हरीश राठौर बताया। दोनों व्यक्तियों के व्यवहार संदिग्ध होने से उनकी कार की तलाशी ली, कार की पिछली डिक्की में चार आयताकार आकार के पैकेट मिले, जिनमें गांजा भरा था। कार से 23 किलो से ज्यादा गांजा बरामद किया गया था।
आरोपियों को गिरफ्तार कर कार और गांजे को जब्त कर लिया गया था। थाना श्यामपुर में आरोपियों के खिलाफ 56/19 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था। जिला न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाए जाने पर 15 साल कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।