सार
Khandwa: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में सोमवार देर शाम जिला कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों के लिए धारा 144 लागू कर दी। जिला दण्डाधिकारी अनूप कुमार सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी कर जिले में बिना अनुमति के धरना, प्रदर्शन व जुलूस कार्यक्रमों के आयोजनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार ये सभी प्रतिबंध जिले के खण्डवा शहर के साथ साथ हरसूद, पंधाना, मूंदी और ओंकारेश्वर नगर में भी लागू रहेंगे। इन सभी नगरों की सीमा के भीतर कोई भी जुलूस बिना अनुमति के अब नहीं निकाला जा सकेगा।
जिला दण्डाधिकारी अनूप कुमार सिंह
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खंडवा जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों के लिए धारा 144 के आदेश जिला कलेक्टर के द्वारा जारी कर दिए गए हैं। जिला मुख्यालय से जारी आदेश के बाद अब इन क्षेत्रों में किसी भी तरह का जुलूस, रैली या धरना बगैर अनुमति के निकालना प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इन कार्यक्रमों से जन सामान्य को आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। किसी भी आयोजन से कम से कम 15 दिन पूर्व इसकी अनुमति के लिए आवेदन दिया जाना अनिवार्य होगा। जारी आदेश के अनुसार आयोजकों कि यह जिम्मेदारी होगी कि वे जुलूस या रैली के दौरान मार्ग से निकलने वाले एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड शासकीय वाहनों को मार्ग देकर वाहनों को निकालने में सहयोग करेंगे।
रात 10 तक ही कर सकेंगे स्पीकर का उपयोग
जिला मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार अब रैली या जुलूस के आयोजको को आवेदन में अपना मोबाइल नंबर, फोटोग्राफ तथा रैली में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या भी देना होगी। रैली व जुलूस की अनुमति से पूर्व आयोजकों को शामिल होने वाले दो पहिया व चार पहिया वाहनों की संख्या की जानकारी भी देना होगी। प्रतिबंधात्मक आदेश के तहत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए भी अनुमति लेना होगी। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग रात्रि 10 बजे के बाद करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
उल्लंघन पर होगी 188 के तहत कार्रवाई
धारा 144 के आदेश के अनुसार अब सार्वजनिक भवनों, खम्बों एवं सड़कों के आसपास झण्डे, बेनर, पोस्टर्स लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। रैली में शामिल वाहनों में ओवर लोडिंग की अनुमति नहीं दी जायेगी तथा इस तरह के कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी भी अनिवार्यतः करानी होगी। जुलूस आयोजकों को अपने जुलूस की वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी कराना होगी। यह वीडियोग्राफी पुलिस विभाग के निर्देशन में संपन्न होगी, जिसका व्यय जुलूस आयोजक को उठाना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध धारा 188 के तहत कार्रवाई की जायेगी।