मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी समेत कांग्रेस के तीन विधायकों के सामने जमीन पर घुटने टेककर उनसे धरना खत्म करने की मान-मनुहार करना अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और शहर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) को महंगा पड़ा है और उनका तबादला कर दिया गया है।
यह धरना कोविड-19 के प्रकोप से निपटने को लेकर सूबे की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में किया जा रहा था। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों के शनिवार देर रात जारी आदेशों में एसडीएम राकेश शर्मा और सीएसपी डीके तिवारी को मैदानी तैनाती से हटाते हुए उनका तबादला तत्काल प्रभाव से भोपाल कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि शर्मा को सामान्य प्रशासन विभाग में डिप्टी कलेक्टर के पद पर तैनात किया गया है, जबकि तिवारी को पुलिस मुख्यालय में उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर तैनात किया गया है। चश्मदीदों के मुताबिक एसडीएम और सीएसपी कल शनिवार को राजबाड़ा स्थित धरनास्थल पर पहुंचे थे। वहां उन्होंने घुटने टेककर पटवारी और दो अन्य कांग्रेस विधायकों से बात की थी।
दोनों अधिकारियों ने इसी मुद्रा में तीनों विधायकों से अनुरोध किया था कि वे धरना खत्म कर दें। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के कई नेताओं ने दोनों अधिकारियों के आचरण पर आपत्ति जताई थी। धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया था कि कोविड-19 के प्रकोप से निपटने में राज्य सरकार नाकाम रही है और जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है।
कांग्रेस के तीन नेताओं ने थाने पहुंचकर दी गिरफ्तारी
कोविड-19 के प्रकोप पर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों के विरोध में यहां शनिवार को कांग्रेस के धरने से शुरू हुई राजनीति रविवार को तेज हो गई। धरना देने वाले चार लोगों में शामिल दो कांग्रेस विधायकों तथा शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद पुलिस थाने पहुंचकर गिरफ्तारी दी और आरोप लगाया कि पुलिस-प्रशासन प्रमुख विपक्षी दल के साथ पक्षपात कर रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) राजेश व्यास ने बताया कि राजबाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस के कुल चार नेताओं के शनिवार के धरने के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इस कारण राज्य के पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और उनके साथ धरने पर बैठे दो अन्य विधायकों-विशाल पटेल तथा संजय शुक्ला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
व्यास ने बताया कि इस मामले में-पटेल और शुक्ला के साथ शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने रविवार को सर्राफा पुलिस थाना पहुंचकर गिरफ्तारी दी। एएसपी ने बताया कि पुलिस ने औपचारिक गिरफ्तारी के बाद तीनों नेताओं को नोटिस तामील कराते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें एक स्थानीय अदालत के सामने 29 जून को हाजिर होने को कहा है।