एससी-एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट की नई गाइडलाइन के विरोध में सोमवार को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के तीन जिलों में हुई हिंसा के बाद अभी भी कर्फ्यू लगा हुआ है। मुरैना में तो मंगलवार को कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़कों पर निकले और फायरिंग हुई। सुरक्षा बलों ने रात भर फ्लैग मार्च किया। पुलिस ने हिंसा में शामिल अनेक लोगों को प्रकरण दर्ज कर हिरासत में लिया है।
भिंड में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतकों की संख्या भी छह से बढ़कर आठ हो गई है। इस दौरान ग्वालियर के कलेक्टर ने कर्फ्यू प्रभावित इलाके में सभी के शस्त्र लाइसेंस फिलहाल निरस्त कर दिए हैं। उधर उपद्रव को लेकर दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।
कर्फ्यू के बावजूद ग्वालियर, मुरैना और भिंड में तनाव बना रहा। हिंसा भड़काने की कोशिश भी हुई। मुरैना के उत्तमपुरा में लोगों ने फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर स्थिति को काबू में किया। तीनों जिलों में करीब एक हजार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। इंटरनेट सेवा आज भी बंद रही, पर कथित वीडियो आज भी वायरल होते रहे।
भिंड के गोहद में राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य के निवास पर पथराव किया गया। मंगलवार सुबह भिंड के मछंड में पचास वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद होने के बाद सोमवार की हिंसा में मारे जाने वालों की संख्या 8 हो गई है। आठ मौत इन्हीं तीन जिलों में ही हुई हैं। इस बीच राजधानी भोपाल में भी कलेक्टर ने धारा 144 लागू करते हुए सोशल मीडिया पर कई पाबंदी लगा दी हैं। मसलन आपत्तिजनक पोस्ट डालने, उसे पसंद या फॉरवर्ड करने पर 2 जून तक रोक रहेगी।