इतना ही नहीं, जिस समय गोपाल दुकानें बंद करवा रहे थे, उसी समय किसी ने उनका वीडियो बना लिया। बाद में परमार ने इस बारे में सफाई देते हुए बताया कि जिस दुकान को वे बंद करवा रहे थे परशुराम सेना के सदस्य की थी, और वह उसे बंद नहीं करना चाहता था।
गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव के बाद दलित समुदाय ने देशव्यापी बंद का आयोजन किया था। बंद की वजह से देशभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वहीं एक दर्जन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। हालांकि कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार और कांग्रेस सहित अन्य विरोधी पार्टियों ने याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है।