फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Satna News : पूर्व BJP जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों का विरोध, सर्व समाज ने SP कार्यालय घेरा; न्यायिक जांच की मांग

Fri, 10 Oct 2025 10:26 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर लगे दुष्कर्म के आरोपों के विरोध में सर्व ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतर आया। समाज के लोगों ने सतना में एसपी कार्यालय का घेराव कर इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
विज्ञापन
सतीश शर्मा पर आरोपों का विरोध, घेराव के बीच परिजनों और सर्व समाज ने मजिस्ट्रियल जांच की मांग की। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सतना भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर एक युवती द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों के बाद मामला गर्मा गया है। बीते दिन सर्व ब्राह्मण समाज के सदस्यों ने जिलाध्यक्ष के परिजनों के साथ सतना में पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव किया और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए एसपी को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन


दरअसल, बीते महीने एक युवती ने पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसी आधार पर हाल ही में कोलगंवा थाने में उनके खिलाफ दुष्कर्म का प्रकरण दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद जिलाध्यक्ष के परिजन और समाज के लोग इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।

'भाई की छवि खराब करने की कोशिश'
सतीश शर्मा की बहन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका भाई निर्दोष है और उसने हमेशा समाज और पार्टी के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाली युवती पहले उनके भाई को पिता समान मानती थी, लेकिन अब झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।
विज्ञापन


पूर्व जिलाध्यक्ष के पिता ने भी बेटे को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह साधारण परिवार से हैं और समाज सेवा में हमेशा आगे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों ने साजिश के तहत झूठा मामला दर्ज करवाया है।

ये भी पढ़ें- MP Crime : करवा चौथ की रात पति ने पत्नी और मासूम बेटी पर हंसिए से किया हमला, मां-बेटी गंभीर रूप से घायल
विज्ञापन


इस प्रकरण में राजनीतिक षड्यंत्र- सर्व ब्राह्मण समाज
सर्व ब्राह्मण समाज और भाजपा के कई सदस्यों ने भी इस प्रकरण को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उनका कहना है कि बिना ठोस सबूत और मेडिकल रिपोर्ट के पुलिस ने जल्दबाजी में मामला दर्ज किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया गया और जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। समाज के प्रतिनिधियों और परिजनों ने एसपी से मुलाकात कर मामले की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आए और निर्दोष को न्याय मिल सके।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें