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Satna: वन रक्षक एवं जेल प्रहरी परीक्षा रद्द होने से फूटा छात्रों का गुस्सा, पैदल मार्च कर कलेक्ट्रेट पहुंचे

Sun, 07 Jun 2026 07:31 PM IST
सतना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने बताया कि वे प्रदेश के विभिन्न जिलों से सतना पहुंचे थे। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए किराया, आवास और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया था।
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आक्रोशित भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वन रक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा को लेकर रविवार को सतना में अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद परीक्षा निरस्त होने की जानकारी मिलने से नाराज छात्रों ने आदित्य इंजीनियरिंग कॉलेज से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक करीब 5 किलोमीटर पैदल मार्च किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए।

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इस दौरान छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। जानकारी के अनुसार वन रक्षक एवं जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सतना पहुंचे थे। कई छात्र रातभर सफर कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचे थे। लेकिन परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद उन्हें परीक्षा निरस्त होने और संभावित रूप से आगे की तारीख में आयोजित किए जाने की जानकारी मिली। अचानक मिली इस सूचना से अभ्यर्थियों में आक्रोश फैल गया।

परीक्षा केंद्र से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
नाराज छात्रों ने पहले परीक्षा केंद्र परिसर के बाहर विरोध जताया और बाद में संगठित होकर पैदल मार्च शुरू कर दिया। अभ्यर्थी आदित्य इंजीनियरिंग कॉलेज से निकलकर शहर की सड़कों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षा में अव्यवस्था और लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
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कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्य द्वार के सामने बैठकर धरना शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा की तैयारी में उन्होंने महीनों मेहनत की है और दूर-दूर से यात्रा कर परीक्षा देने आए थे। ऐसे में अंतिम समय पर परीक्षा निरस्त किए जाने से उन्हें मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

पढ़ें: शहर में कचरा फेंकना अब पड़ सकता है महंगा, नए नियमों पर 9 जून को निगम परिषद में होगा मंथन

दूरदराज जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने बताया कि वे प्रदेश के विभिन्न जिलों से सतना पहुंचे थे। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा के लिए किराया, आवास और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किया था। उनका कहना है कि यदि परीक्षा स्थगित करनी थी तो इसकी सूचना पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं के कारण युवाओं का विश्वास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने परीक्षा निरस्त करने के कारणों को सार्वजनिक करने और जल्द नई तिथि घोषित करने की मांग की।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी
धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी युवाओं ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाई। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर काफी देर तक नारेबाजी का दौर चलता रहा। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को अलर्ट रखा गया।

प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे मौके पर
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम, सीएसपी, तहसीलदार और संबंधित थाना प्रभारी सहित पुलिस बल ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का आश्वासन दिया प्रशासन ने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। हालांकि देर तक अभ्यर्थी कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर डटे रहे और भर्ती परीक्षा को लेकर स्पष्ट जानकारी देने की मांग करते रहे।
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अभ्यर्थियों की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की है कि परीक्षा निरस्त करने के पीछे के कारणों को सार्वजनिक किया जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और जल्द नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए फिलहाल मामले को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है और सभी की नजरें अब शासन और संबंधित विभाग के अगले फैसले पर टिकी हैं। भर्ती परीक्षा से जुड़े इस घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थाओं और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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