घटना स्थल से दिल दहला देने वाली तस्वीर (फोटो:अमर उजाला)
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के हिलौंधा गांव में रविवार शाम दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया। खेत की मिट्टी में छुपा एक खुला बोरवेल दो मासूम जिंदगियों को निगल गया। धान की रोपाई के बाद पैर धोने गईं दो नाबालिग लड़कियां, 16 वर्षीय सोमवती साकेत और 13 वर्षीय दुर्गा साकेत, बोरवेल में गिर गईं। दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।
गांव वालों के अनुसार, हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चियां खेत में पैर धो रही थीं। वहां एक पुराना बोरवेल था, जिसे पहले खोदा गया था, लेकिन पानी न मिलने पर उसे बंद कर दिया गया था। किसान ने केसिंग पाइप निकालकर गड्ढे को मिट्टी से भर दिया था। हाल की बारिशों में मिट्टी धंस गई और यह गड्ढा फिर से गहरा हो गया। बारिश का पानी भरने से किसी को यह अंदाज़ा नहीं हो सका कि यह मौत का कुआं बन चुका है। दुर्गा मूल रूप से करही कोठार की रहने वाली थी, लेकिन वह अपने मामा के साथ करहिया गांव में रह रही थी। सोमवती भी उसी गांव की निवासी थी। दोनों अपने परिजनों के साथ हिलौंधा गांव धान की रोपाई के लिए आई थीं।
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गांव में पसरा मातम
हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। स्थानीय लोग, पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। सोमवती का शव कुछ घंटों में निकाल लिया गया, लेकिन दुर्गा का शव लगभग सात घंटे बाद तब मिला जब जेसीबी बुलाकर खेत की मेड़ काटी गई और पानी निकाला गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं का जमावड़ा लग गया। एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी और पूर्व विधायक मौके पर पहुंचे।
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कुछ समय पहले रीवा में हुआ था हादसा
कुछ ही समय पहले रीवा में भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी खुले बोरवेल को चिन्हित कर बंद किया जाए। सतना कलेक्टर ने भी आदेश जारी किए थे, लेकिन यह हादसा बताता है कि कागजों पर दिए गए आदेश जमीन पर कितना असर कर रहे हैं।