जैतवारा रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक शिव मंदिर में शनिवार शाम अचानक मीथेन गैस का रिसाव होने से हड़कंप मच गया। मंदिर परिसर में मौजूद पुराने कुएं से यह गैस निकल रही थी। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, मंदिर की जलहरी से निकलने वाला पानी, चावल, फूल-पत्ते आदि लंबे समय से कुएं में डाले जा रहे थे। लगातार सड़न की वजह से कुएं के अंदर मीथेन गैस का जमाव हो गया था। शनिवार शाम करीब 5 बजे इस रिसाव की जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर स्थानीय पुलिस प्रशासन पहुंच गया और जांच शुरू कर दी।
PCB वैज्ञानिक डॉ. राहुल द्विवेदी, अनूप श्रीवास्तव, डॉ. राजकरण, राजकुमार मिश्रा, नगर परिषद जैतवारा के सीएमओ और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त निरीक्षण कर मीथेन गैस की मौजूदगी की पुष्टि की।
ये भी पढ़ें-
'मेरा बाबू कॉल नहीं उठा रहा', प्रेमिका ने डायल-112 में की शिकायत, अब दोनों के फोन बंद; पुलिस भी हैरान
प्रशासन ने लोगों से की अपील
हालात पर काबू पा लिया गया है और फिलहाल स्थिति सामान्य है। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन ने एहतियातन लोगों से अपील की है कि मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़ न लगाएं और सतर्क रहें और गैस रिसाव वाले क्षेत्र से दूर रहे।
कुआं बंद करने पर विचार
अधिकारियों का मानना है कि फूल-पत्तों और चावल के सड़ने से यह स्थिति बनी। चूंकि मंदिर पुराने कुएं पर बना है और जलहरी का पानी सीधे उसी में जमा होता है, ऐसे में भविष्य में भी गैस रिसाव की संभावना बनी रहेगी। इसे रोकने के लिए कुएं को पूरी तरह बंद करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, नगर परिषद की ओर से अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
घटना के बाद सील किया गया एरिया
गैस रिसाव को जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने जब पुलिस प्रशासन को जानकारी दी तो मौके पर पहुंची टीम के द्वारा मंदिर परिसर को सील किया गया और नगर परिषद के द्वारा खुदाई शुरू कर दी गई है।
मंदिर परिसर में गैस रिसाव की जानकारी के बाद पहुंची पुलिस।
घटना के बाद बैरिकेडिंग कर दी गई।